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‘विदेश में मिली ट्रेनिंग तो ओलंपिक में खेलना तय’

हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीतने वालीं प्रतिभाशाली धाविका दुति चंद को पूरा विश्वास है कि यदि उन्हें विदेश में अभ्यास का मौका मिलता है तो वह रियो ओलम्पिक-2016 के लिए क्वालीफाई कर लेंगी.

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दुती चंद
दुती चंद

हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीतने वालीं प्रतिभाशाली धाविका दुति चंद को पूरा विश्वास है कि यदि उन्हें विदेश में अभ्यास का मौका मिलता है तो वह रियो ओलम्पिक-2016 के लिए क्वालीफाई कर लेंगी. दुति ने 55वें राष्ट्रीय चैम्पियनशिप की 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले रेस में अपनी सर्वोच्चता का लोहा मनवाया.

ने कहा, ‘यहां भारत में रहते हुए प्रशिक्षण कर के लिए क्वालीफाई करना बेहद मुश्किल है. लेकिन मैंने केंद्रीय खेल मंत्री से मुझे प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजने का अनुरोध किया है. उपयुक्त सुविधाओं के साथ अभ्यास कर मैं आसानी से क्वालीफाई कर सकती हूं.’

दुति ने 200 मीटर स्पर्धा में 23.69 सेकेंड का समय हासिल किया और ओलम्पिक में क्वालीफाई करने के लिए निर्धारित 23.20 सेकेंड समय से थोड़ा सा पीछे रह गईं. वहीं 100 मीटर स्पर्धा में दुति ने 11.68 सेकेंड समय निकाला, जो ओलम्पिक क्वालीफिकेशन से 0.36 सेकेंड कम रहा.

प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में दुति ने बताया, ‘मैं सुबह 6 बजे से 9.30 बजे तक अभ्यास करती हूं. उसके बाद एक घंटा जिम करती हूं. फिर शाम में चार बजे से छह बजे तक प्रशिक्षण लेती हूं.’ उल्लेखनीय है कि दुति पर पिछले साल अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ (आईएएएफ) ने लिंग विवाद के चलते प्रतिबंध लगा दिया था, हालांकि खेल पंचाट ने आईएएएफ के नियम को निलंबित करते हुए दुति को प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लेने की इजाजत दे दी.

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अपने इस कटु अनुभव के बारे में दुति ने कहा, ‘यह सब जब हो रहा था मैं बेहद दुखी थी. मैं काफी निराश भी हो चुकी थी. यह सब ऐसे समय में हुआ जब मैं सभी स्पर्धाओं में अच्छा कर रही थी.’ उन्होंने आगे कहा, ‘उन्होंने मुझ पर वे आरोप लगाए जो थे ही नहीं, तो मैं उसमें कर भी क्या सकती थी? उस समय सभी ने मेरा समर्थन किया, लेकिन आईएएएफ को यह सब समझ में नहीं आया और उन्होंने मुझ पर प्रतिबंध लगा दिया. मेरे लिए वह काफी मुश्किल था.’

दुति ने कहा, ‘आईएएएफ के इस नियम को खत्म कर देना चाहिए ताकि मेरी जैसी औरतों को परेशानी न हो और वे पूरी स्वतंत्रता से खेलों में हिस्सा ले सकें.’

मुश्किल समय से निकलकर दुति ने हालांकि फील्ड ट्रैक पर दमदार वापसी की है. इसी साल हैदराबाद में हुए जूनियर चैम्पियनशिप में भी वह स्वर्ण जीतने में सफल रहीं.

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