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COVID ने बायो-बबल में लगाई सेंध! IPL जारी रखने पर टीमों की क्या है राय?

कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की टीम में कोविड-19 के 2 मामले पाए जाने के बाद खिलाड़ी विशेषकर विदेशी क्रिकेटर असहज महसूस कर रहे हैं. लेकिन टीमों का मानना है कि इस महामारी के बढ़ते खतरे के बावजूद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) जारी रहना चाहिए.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • केकेआर के खिलाड़ियों के पॉजिटिव पाए जाने पर उठ रहे हैं सवाल
  • बायो-बबल में यह खतरनाक वायरस कैसे पहुंच गया..?

कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की टीम में कोविड-19 के 2 मामले पाए जाने के बाद खिलाड़ी विशेषकर विदेशी क्रिकेटर असहज महसूस कर रहे हैं. लेकिन टीमों का मानना है कि इस महामारी के बढ़ते खतरे के बावजूद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) जारी रहना चाहिए.

केकेआर के वरुण चक्रवर्ती और संदीप वॉरियर के पॉजिटिव पाए जाने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि विश्व के सबसे बड़े टी20 लीग के जैव सुरक्षित वातावरण (बायो-बबल) में यह खतरनाक वायरस कैसे पहुंच गया.

भारत से यात्रा प्रतिबंधों के कारण विदेशी खिलाड़ी पहले ही स्वदेश लौटने को लेकर चिंतित थे और अब उनकी चिंता बढ़ गई है.

एक फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ‘आधा टूर्नामेंट हो चुका है. इसको रोकने का कोई मतलब नहीं बनता है. इस खबर (केकेआर टीम में पॉजिटिव मामले) से भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) का काम अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है.’

उन्होंने कहा, ‘हमने सुना है कि एक खिलाड़ी इसलिए संक्रमित हुआ, क्योंकि उसे स्कैन के लिए बायो-बबल से बाहर ले जाया गया. इसलिए यह बायो-बबल के बाहर हुआ. जहां तक मैं जानता हूं हर कोई बीसीसीआई के प्रोटोकॉल का पूरा पालन कर रहा है और उसका कोई उल्लंघन नहीं हुआ.’

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यदि कोई अन्य टीम वायरस से प्रभावित नहीं होती है, तो टूर्नामेंट जारी रहना चाहिए. अधिकारी ने कहा, ‘यदि आप टूर्नामेंट रोकना चाहते हैं, तो कब तक. एकमात्र तरीका यही है कि पॉजिटिव मामलों को अलग-थलग करके खेल जारी रखा जाए. खिलाड़ी निश्चित तौर पर अब अधिक चिंतित हैं, लेकिन उनकी मुख्य चिंता यह है कि वे स्वदेश कैसे लौटेंगे.’

ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने भारत से आने वाले यात्रियों पर प्रतिबंध लगा रखा है और आईपीएल में इन तीनों देशों के कई क्रिकेटर खेल रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया के तीन क्रिकेटर यात्रा प्रतिबंध लगने से पहले स्वदेश लौट गए थे.

एक टीम के अन्य अधिकारी ने कहा, ‘हमें यह फैसला बीसीसीआई पर छोड़ देना चाहिए कि हम सबके लिए क्या सर्वश्रेष्ठ है. उन्हें कई तरह की राय देने से भ्रम की स्थिति ही पैदा होगी.’
 

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