सेशनः द डीएनए ऑफ ए विनर
स्पीकरः विराट कोहली
टीम इंडिया के भावी कैप्टन के रूप में देखा जा रहा है विराट कोहली को. कोहली ने पिछले कुछ सालों में अपनी बल्लेबाजी के दम पर टीम इंडिया में अपनी जगह और मजबूत की है और साथ ही कप्तानी की दावेदारी भी पेश की. विराट जितने अच्छे बल्लेबाज हैं, उतने ही शानदार चौकस फील्डर हैं.
सुपर ब्रैट से सुपर बैट कैसे बना
जिसके लिए सचिन तेंदुलकर ने भी कहा कि अगर कोई 100 सेंचुरी का रेकॉर्ड बना सकता है तो वह विराट कोहली है. देखिए क्या कहा विराट- विराट के शोर के बीच विराट कोहली ने...
थैंक्यू, आई लव माई सिटी, दिल्ली और आप लोग इसे सबसे शानदार शहर बनाते हैं. मैं अपने आपको सुपर ब्रैट नहीं, सिर्फ बैट समझता हूं. मैं एक महीने में 25 साल का हो जाऊंगा. 17 साल हो गए क्रिकेट खेलते. आठ साल में शुरू कर दिया था. 16-17 तक समझ ही नहीं आ रहा था कि कहां जा रहा हूं. सबको पता है इंडिया में कितने लोग क्रिकेट खेलते हैं. मेरे लिए मेरे घर के लिए बहुत मुश्किल था. पता नहीं था कि क्रिकेट खेल रहा हूं तो टीम इंडिया के लिए खेल पाऊंगा. टैलेंट था, पर विजन नहीं था. 17 साल का था, पिता गुजर गए. अगली सुबह जाकर दिल्ली के लिए खेला. उस दिन समझ आया कि मेरी लाइफ में स्पोर्ट्स की कितनी अहमियत है.
मेरे लिए वह प्रेरणा का दिन था. उस दिन मैंने खुद से वायदा किया कि टीम इंडिया के लिए खेलूंगा और अपनी क्षमता भर सफल होऊंगा. मैं आज आपसे यही कहना चाहता हूं कि जो भी करना चाहो, पूरे डेडिकेशन से करो. अगर आपकी लाइफ में विजन है, पैशन है, मन से जो चीज पूरी करना चाहते हो जरूर पूरी होगी. मगर आपके अलावा आपका डेडिकेशन कोई और चेक नहीं कर सकता. इसलिए अपना जजमेंट पूरी ईमानदारी से करिए. क्या मैं बेटर कर सकता हूं? क्या मैंने अचीव किया आज? ये मैं अपने साथ रोज करता हूं. जब लगता है कि एक दिन 100 फीसदी नहीं दे पाया. तो अगले दिन उसे कवर करने की कोशिश करता हूं.
विराट कोहली बोले, ये जो मस्ती भरे साल हैं, यही सबसे महत्वपूर्ण भी हैं. अगर इसमें मेहनत कर ली, तो बाद में मस्ती ही मस्ती है. मैं अपने अनुभव से कह रहा हूं. जिद जरूरी है. खुद पर यकीन रखें. रोज कोशिश करें, रोज यकीन बढ़ाएं.
अब बारी है सवाल जवाब की
सवाल- आप हमेशा से ऐसे नहीं थे. कुछ साल पहले तक बहुत टेंपरामेंट थे, मूडी थे. आप बदले कैसे?
जवाब- अपनी गल्तियों से सीखा, अपने एक्सपीरियंस से सीखा. ये बदलाव कोई और नहीं बता सकता. कोई और कहेगा तो बदल भी जाएं, ज्यादा टिकेगा नहीं. अब मुझे समझ आ रहा है, क्योंकि खुद से आ रहा है.
सवाल- आप ऐसी जिंदगी जी रहे हैं, जैसी 50 करोड़ हिंदुस्तानी लड़के जीना चाहते हैं. कम उम्र में कामयाबी. लड़कियां आपकी दीवानी हैं.
जवाब- नहीं, मैं मिडिल क्लास फैमिली से आता हूं. तो जमीन पर टिके रहना जरूरी होता है. और इतना मुश्किल भी नहीं रहता. हां मैं आईपीएल के फर्स्ट सीजन में बहुत बहका हुआ सा रहता था. अंडर 19 से आया था. बहुत ग्लैमर था. इंटरनेशनल प्लेयर्स के साथ खेल रहा था. इस दौरान क्रिकेट से फोकस हट गया. फिर मैंने एनालाइज किया. फिर डेढ़ साल तक मैंने खुद को क्रिकेट में कैद कर लिया. उसके बाद मैंने कमबैक किया टीम में और तब से लगातार टीम में हूं. कभी कभी बहक जाता है इंसान कभी न कभी. यंग एज में ऐसा होना बहुत आसान होता है. लगता है कि ठीक है बहुत सेंचुरी बना ली. अब थोड़ा सा रिलैक्स कर लूं. पर नहीं मुझे ऑर्डिनरी प्लेयर नहीं बनना. मुझे अपने आइडियल सचिन तेंदुलकर की तरह बनना है.
सवाल- सचिन ने कहा, आप बनाएंगे 100 वनडे सेंचुरी का रेकॉर्ड...
जवाब- मुझसे और भी टैलेंटेड लोग हैं, जो टीम में खेले रहे हैं या खेल चुके हैं. मुझे सेल्फ बिलीफ है. मैं मैच वाले दिन सुबह उठता हूं. तो खुद से बोलता हूं आज मैं सेंचुरी बनाऊंगा. हर रोज बोलता हूं. हर सीरीज का अपना टारगेट बनाता हूं. तो ये सेल्फ बिलीफ है. उसके अलावा पैशन है क्रिकेट के लिए. जिसकी वजह से मुझे लगता है कि सक्सेस मिली.
सवाल- आप गुस्सा बहुत जल्दी हो जाते थे...
जवाब- हां, पहले 22 का था. अब 25 का होने वाला हूं. अब चेंज हो जाएगा.
सवाल- मोस्ट एलिजिबल बैचलर. आपकी गर्लफ्रेंड है?
जवाब- नहीं मेरी गर्लफ्रेंड नहीं है. अगर आगे कभी मिलेगी, तो ठीक है, वर्ना फैमिली खोजेगी.
सवाल- टेस्ट क्रिकेट के फ्यूचर पर क्या सोचते हैं?
जवाब- सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है. जब छुटपन में टेस्ट मैच देखता था, तो उसे जीतने का एक्सपीरियंस अलग ही होता था. हम पिछली एक दो सीरिज छोड़कर टेस्ट में अच्छा नहीं कर पाए हैं. अब इसे ठीक करना बदलना हमारी जिम्मेदारी है. अगर आप इस फॉरमेट में सफल रहेंगे, तभी यंग प्लेयर्स टेस्ट के लिए इंस्पायर होंगे.
सवाल- सचिन से क्या सीखा?
जवाब- उनसे मैंने वर्क एथिक्स और रोजाना की मेहनत सीखी. यकीन नहीं होता देखकर कि कोई 23 साल तक रोजाना इतनी मेहनत, इतने समर्पण के साथ कैसे कर सकता है. सचिन आज भी 15 साल के लड़के की तरह क्रिकेट पर बात करते हैं आज भी.
सवाल- कई लोग सचिन के रिटायरमेंट की बात कर रहे हैं?
जवाब- मुझे लगता है कि आज तक हमने किसी प्लेयर को क्रिटिसाइज करने से नहीं छोड़ा. मुझे लगता है कि उन्हें छोड़ देना चाहिए. उन्होंने जितना किया है इस कंट्री के लिए. ये उनका फैसला होना चाहिए कि उन्हें कब तक खेलना है. उन्होंने ये सम्मान कमाया है 23 साल में. उन्होंने इतनी खुशियां दी हैं देश को.
सवाल- कभी आपको लगता है कि आपका नाम भी उसी तरह से हो लोगों की जुबान पर हो?
जवाब- मैं उम्मीद करता हूं कि ऐसा हो. अगर ऐसा होगा तो मुझसे ज्यादा खुशी किसे होगी. मुझसे ज्यादा टीम में टैलंटेड हैं रोहित शर्मा. पिछले पांच साल में ऐसा बैट्समैन नहीं आया.
सवाल- तो फिर वह उतना परफॉर्म नहीं कर पाए?
जवाब- इंटरनेशनल क्रिकेट में आपको चीजें समझनी होती हैं. एम्स पर, स्ट्रेंथ पर फोकस करना होता है, शिखर को देखिए, सेकंड चांस में उन्हें अपनी गेम समझ आई. रोहित को बहुत ऊपर नीचे किया गया, ऑर्डर के हिसाब से. मैं लकी रहा कि शुरू से नंबर 3 पर रहा. रोहित के लिए लोअर ऑर्डर में कन्फ्यूजन था. अब वह ओपनिंग कर रहे हैं.
सवाल- किसी बॉलर से डर लगता है?
जवाब- नहीं अभी तक तो कोई ऐसा नहीं खेला, जिससे डर लगे.
सवाल- सबसे खतरनाक, फास्ट और स्पिन बॉलर?
जवाब- डेल स्टेन एज ए फास्ट बोलर... स्पिनर बहुत सारे हैं, जो अच्छा कर रहे हैं. पब्लिक पूछेगी सवाल-जवाब
1 आप शादी करेंगे... हां, मगर अभी क्रिकेट पर फोकस है.
2 आप क्यूट हैं. हैंडसम हैं. एक्टिंग क्यों नहीं करते- मेरा मन नहीं लगता उसमें, क्रिकेट ही ठीक है.
3 मेरी फेवरेट एक्ट्रेस- कटरीना, अनुष्का, दीपिका.
आखिरी में विराट ने ओपन गंगनम स्टाइल पर डांस किया और अपने फैंस को थैंक्स कहकर बाय बाय किया.