तमिल परिवार में जन्म लेने के कारण बचपन में ही क्लासिकल डांस सीखना शुरू कर दिया. 10 साल की उम्र तक मिताली भरतनाट्यम में परफेक्ट हो गईं थीं. वे इसी में कॅरियर बनाने के बारे में सोचने लगीं थीं. लेकिन किस्मत को ऐसा मंजूर नहीं था.
मितली के पिता चाहते थे कि बेटी अनुशासन में रहे और एक्टिव बने. इसलिए उन्होंने उसे क्रिकेट खेलने को कहा. 10 साल की उम्र में मिताली क्लासिकल डांस छोड़ हाथ में बैट पकड़े मैदान में नजर आने लगीं थीं. इसके बाद उनकी स्कूलिंग हैदराबाद में हुई. स्कूल में लड़कों के साथ क्रिकेट की प्रैक्टिस करती. 17 साल की उम्र में मिताली का चयन भारतीय टीम में हो गया. बता दें कि जोधपुर में 3 दिसंबर 1982 को मिताली का जन्म हुआ. पिता दुराई राज एयर फोर्स में ऑफिसर थे, तो मां लीला राज भी क्रिकेट खेल चुकी थीं.
15 साल की उम्र तक स्मृति डॉमिस्टिक टूर्नामेंट की स्टार बन चुकी थीं, हालांकि, एक वक्त ऐसा भी आया कि उन्होंने क्रिकेट छोड़ देने का सोच लिया था. स्मृति ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें बोर्ड एग्जाम की चिंता थी और वे आगे साइंस की पढ़ाई करना चाहती थीं. लेकिन स्मृति के पेरेंट्स ने उन्हें समझाया और क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट किया. अगले ही साल स्मृति की किस्मत चमकी और उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ वनडे डेब्यू करने का मौका मिला. मंधाना वर्ल्ड कप में सेन्चुरी लगाने वाली सबसे यंग इंडियन प्लेयर हैं. वहीं वर्ल्ड क्रिकेट में सबसे कम उम्र में सेन्चुरी लगाने के मामले में मंधाना तीसरे नंबर पर आती हैं.
एकता ने बचपन में अपने साथियों के साथ प्लास्टिक की गेंद से खेलने की शुरुआत की और साधनों की कमी के बावजूद शीर्ष स्तर तक का सफर तय किया. साल 2006 तक एकता उत्तराखंड की तरफ से घरेलू क्रिकेट में जलवा बिखेरती रहीं. लेकिन जब उत्तराखंड अपनी टीम बनाने में असक्षम दिखा तो उन्होंने उत्तर प्रदेश का रुख कर लिया. जिस साल भारत की पुरुष क्रिकेट टीम ने आइसीसी वनडे विश्व कप जीता था, उसी साल (2011) एकता ने भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम में जगह बनाकर इतिहास रचा था.
सुषमा वर्मा प्रदेश से पहली महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं. हॉल ही में शिमला के साथ गुम्मा में एचपीसीए की ओर से बनाए स्टेडियम के पवेलियन का नाम सुषमा के नाम पर रखा गया है. वर्ल्ड कप में जैसे सुषमा प्रदर्शन कर रही हैं. उससे उनकी तुलना धोनी से होने लगी है. क्योंकि वो उसी तरह से स्टम्पिंग करती हैं, जैसे धोनी करते हैं. ऐसे में हम कह सकते हैं कि टीम इंडिया की महिला टीम में भी वुमन धोनी आ चुकी है.