Jordan Chiles Gymnastics bronze Ana Barbosu: पेरिस ओलंपिक 2024 में स्टार भारतीय रेसलर विनेश फोगाट को 100 ग्राम ज्यादा वजन होने के कारण फाइनल से बाहर कर दिया था. ऐसे में उनसे मेडल छिन गया. फिर विनेश ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (CAS) में केस किया है, जिसकी सुनवाई हो चुकी है. अब 13 अगस्त को फैसला आना है. मगर उससे पहले CAS ने रोमानिया की जिम्नास्ट एना बारबोसु (Ana Barbosu) को खुशखबरी दी है.
जिम्नास्टिक के फ्लोर इवेंट में एना ने हारकर भी ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है. साथ ही कोर्ट ने अमेरिका की जिम्नास्ट जॉर्डन चाइल्स (Jordan Chiles) से ब्रॉन्ज मेडल छीन लिया है. बता दें कि इवेंट में जॉर्डन तीसरे और एना चौथे नंबर पर रही थीं.
एना के पक्ष में कोर्ट ने सुनाया फैसला, जॉर्डन से छिना ब्रॉन्ज
दरअसल, इवेंट के फाइनल राउंड में जॉर्डन ने 13.766 स्कोर के साथ तीसरे नंबर पर रहते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता था. जबकि एना का स्कोर 13.700 रहा था और वो चौथे नंबर पर रहकर बाहर हो गई थीं. यानी एक तरह से उन्हें हार मिली थी. CAS के फैसले के बाद अब यह मामला पूरी तरह से पलट गया है.
मैच में हार के बाद एना बारबोसु और उनकी टीम ने CAS में केस दायर किया था. उन्होंने कहा कि जॉर्डन चाइल्स को गलत तरीके से पॉइंट्स दिए गए हैं, जिस वजह से वो तीसरे नंबर पर रहीं और ब्रॉन्ज मेडल जीता है. इस मामले में CAS में लंबी सुनवाई हुई और उन्होंने एना को सही पाया.
इसके बाद CAS ने जॉर्डन चाइल्स के स्कोर को भी काट लिया है. फैसले के बाद जॉर्डन चाइल्स का स्कोर 13.666 कर दिया गया है. इसके साथ ही वो पांचवें नंबर पर पहुंच गईं. जबकि एना बारबोसु तीसरे नंबर पर आ गईं. इस तरह कोर्ट के फैसले के बाद एना को ब्रॉन्ज मेडल दिया गया. अब एना इस फैसले के बाद खुश हैं. जिम्नास्टिक के फ्लोर इवेंट के फाइनल में ब्राजील की रेबेका आंद्रेडे (Rebeca Andrade) ने गोल्ड और अमेरिका की सिमोने बिलेस (Simone Biles) ने सिल्वर मेडल जीता था.
CAS कोर्ट में विनेश का केस भी चल रहा
बता दें कि विनेश फोगाट का भी केस CAS कोर्ट में चल रहा है. विनेश ने 50 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती के फाइनल में एंट्री कर सिल्वर मेडल पक्का कर लिया था, मगर मेडल मैच से ठीक पहले उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया गया था, क्योंकि ओलंपिक गोल्ड मेडल मैच से पहले उनका वजन 100 ग्राम ज्यादा था.
विनेश ने सेमीफाइनल में क्यूबा की रेसलर युसनेइलिस गुजमैन को 5-0 से पटखनी देकर फाइनल में एंट्री की थी. विनेश के पास फाइनल में जीतकर गोल्ड भी जीतने का मौका था. मगर फाइनल मैच वाले दिन सुबह विनेश का वजन 100 ग्राम ज्यादा निकला और उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया गया था. इसके बाद विनेश ने CAS में केस दर्ज कराया, जिस पर 13 अगस्त को फैसला आना है. यदि फैसला विनेश के पक्ष में आता है, तो उन्हें संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल मिलेगा.