लंबी कूद की एथलीट शैली सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में रजत पदक जीत लिया है. वह 6.59 मीटर की दूरी तय कर फाइनल में दूसरे स्थान पर रहीं. वह स्वर्ण पदक के साथ इतिहास रचने से महज एक सेंटीमीटर से चूक गईं. नैरोबी में मौजूदा चैम्पियनशिप में भारत का यह तीसरा पदक रहा.
इससे पहले अमित खत्री ने 10,000 मीटर रेस वॉक स्पर्धा में रजत पदक जीता था, जबकि 4x400m मिक्स्ड रिले टीम को कांस्य मिला. अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के इतिहास में भारत का यह सातवां पदक है.
17 साल की शैली अपनी तीसरी छलांग में 6.59 मीटर की दूरी तय करने में कामयाब रहीं. उन्होंने पहली और दूसरी छलांग में 6.34 मीटर की दूरी तय की. शैली की चौथी, पांचवीं और छठी छलांग इस तरह रही- X, X (अवैध) और 6.37. स्वीडन की मौजूदा यूरोपीय जूनियर चैम्पियन माजा आस्कग (6.60) ने स्वर्ण पदक पर कब्जा किया, जबकि यूक्रेन की मारिया होरिएलोवा (6.50) ने कांस्य जीता.
शैली तीसरे दौर के बाद तालिका में शीर्ष पर थीं. लेकिन स्वीडन की 18 साल की खिलाड़ी ने चौथे दौर में उनसे एक सेंटीमीटर का बेहतर प्रदर्शन किया, जो निर्णायक साबित हुआ.
Third medal for at the
— SAIMedia (@Media_SAI)
Long Jumper wins 🥈 for 🇮🇳 with a jump of 6.59m
She trains at SAI Bangalore and is trained by veteran long jumper and husband Robert Bobby George
Way to go champ!
शैली ने चैम्पियनशिप में 6.40 मीटर के साथ क्वालिफिकेशन दौर में शीर्ष पर रहकर फाइनल में जगह बनाई थी.
शैली सिंह ने जून में 6.48 मीटर छलांग लगाकर राष्ट्रीय (सीनियर) अंतरराज्यीय चैम्पियनशिप जीती थी. झांसी में जन्मी शैली को उनकी मां ने पाल पोसकर बड़ा किया. उनकी मां कपड़े सिलकर आजीविका चलाती हैं. शैली अभी बेंगलुरू में लंबी कूद की प्रसिद्ध एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज की अकादमी में प्रशिक्षण लेती हैं. अंजू के पति बॉबी जॉर्ज उनके कोच हैं.
इस तरह शैल सिंह के लंबी कूद में रजत पदक से पहले इस बार की अंडर-20 विश्व चैम्पियनशिप में भारत के लिए अमित खत्री ने 10,000 मीटर पैदलचाल में रजत पदक और चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले टीम ने कांस्य जीता है.
इसके अलावा चैम्पियनशिप के इतिहास में सीमा अंतिल (चक्का फेंक में कांस्य, 2002), नवजीत कौर ढिल्लों (चक्का फेंक में कांस्य, 2014), ओलंपिक चैम्पियन नीरज चोपड़ा (भाला फेंक में स्वर्ण, 2016) और हिमा दास (400 मीटर में स्वर्ण, 2018) ने पदक जीते हैं.