कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भारतीय स्प्रिंटर अनिमेष कुजूर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जर्मनी में इतिहास रच दिया. 23 वर्षीय अनिमेष ने वेट्जलार में आयोजित 'फास्ट आर्म्स फास्ट लेग्स' मीट (वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर चैलेंजर) की 100 मीटर इवेंट में 10.14 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया. यह विदेशी धरती पर किसी भी भारतीय स्प्रिंटर का अब तक का सबसे तेज 100 मीटर समय है.
अनिमेष ने शुक्रवार को पहले हीट में 10.19 सेकेंड का समय निकालकर फाइनल में जगह बनाई थी. इसके बाद फाइनल में उन्होंने अपने प्रदर्शन में और सुधार करते हुए 10.14 सेकेंड का नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (पर्सनल बेस्ट) दर्ज किया.
यह समय भारत के इतिहास का दूसरा सबसे तेज 100 मीटर प्रदर्शन भी बन गया. राष्ट्रीय रिकॉर्ड फिलहाल गुरिंदरवीर सिंह के नाम है, जिन्होंने इसी साल मई में रांची में आयोजित फेडरेशन कप के दौरान 10.09 सेकेंड का समय निकालकर नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया था. अनिमेष इस रिकॉर्ड से सिर्फ 0.05 सेकेंड पीछे रह गए.
भारत के सबसे तेज स्प्रिंटरों में और मजबूत हुई जगह
अनिमेष कुजूर अब भारत के इतिहास में 100 मीटर के पांच सबसे तेज समय में से तीन में शामिल हैं. गुरिंदरवीर सिंह के नेशनल रिकॉर्ड से पहले 100 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अनिमेष के नाम था. लगातार बेहतरीन प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय एथलेटिक्स के सबसे भरोसेमंद स्प्रिंटर्स में शामिल कर दिया है.
200 मीटर के भी हैं राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी
अनिमेष की पहचान केवल 100 मीटर तक सीमित नहीं है. उनका मुख्य इवेंट 200 मीटर है और इस इवेंट में भी नेशनल रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज है. वह छोटी दूरी की दोनों प्रमुख इवेंट में भारत के टॉप स्प्रिंटर्स में गिने जाते हैं.
🚨 Animesh Kujur Blazes to 10.19s in the 100m!
— nnis Sports (@nnis_sports) July 10, 2026
India's 200m national record holder, Animesh Kujur, clocked a blistering 10.19s at the PUMA Fast Arms Fast Legs 2026, finishing second in his heat.
✅ India's joint fifth-fastest 100m time ever, alongside Manikanta's 10.19s
✅… pic.twitter.com/AzLOCngdil
कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले मिला बड़ा आत्मविश्वास
जर्मनी में मिला यह प्रदर्शन अनिमेष के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला साबित हो सकता है. वह इस महीने के आखिर में ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. ऐसे में विदेशी ट्रैक पर हासिल यह उपलब्धि उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी.