भारत के 17 वर्ष के ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट जीतकर इतिहास रच दिया. वह विश्व चैम्पियनशिप खिताब के सबसे युवा चैलेंजर बन गए. उन्होंने 40 साल पुराना गैरी कास्पोरोव का रिकॉर्ड तोड़ा.
गुकेश ने 14वें और आखिरी दौर में अमेरिका के हिकारू नकामूरा से ड्रॉ खेला. विश्व चैम्पियन के चैलेंजर का निर्धारण करने वाले इस टूर्नामेंट में उनके 14 में से नौ अंक रहे.
Congratulations we are super proud of your achievement. We hope and believe that you will be the next World Chess Champion. The AICF pledges all support to you in your future endeavours.
— All India Chess Federation (@aicfchess)
वह साल के आखिर में मौजूदा विश्व चैम्पियन चीन के डिंग लिरेन को चुनौती देंगे. चेन्नई के रहने वाले गुकेश ने कास्पोरोव का रिकॉर्ड भी तोड़ा. कास्पोरोव 1984 में 22 साल के थे, जब उन्होंने रूस के ही अनातोली कारपोव को विश्व चैम्पियनशिप खिताब के लिए चुनौती दी थी.
गुकेश का जन्म 29 मई 2006 को चेन्नई में हुआ था. वह साल 2015 में अंडर-9 लेवल पर एशियन स्कूल शतरंज चैम्पियनशिप जीतने के बाद सुर्खियों में आए. साल 2018 में गुकेश ने काफी शानदार प्रदर्शन किया. तब उन्होंने एशियन यूथ शतरंज चैम्पियनशिप में कुल पांच स्वर्ण पदक जीते. जनवरी 2019 में गुकेश ग्रैंडमास्टर बने. तब उनकी उम्र 12 साल, 7 महीने और 17 दिन थी.
गुकेश डी शतरंज इतिहास के दूसरे सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर हैं. वह एमचेस रैपिड टूर्नामेंट में मैग्नस कार्लसन को हराने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं. गुकेश शतरंज विश्व कप 2023 के क्वार्टर फाइनल में भी पहुंचे थे.
जीत के बाद गुकेश ने क्या कहा...
गुकेश ने जीत के बाद कहा,‘बहुत राहत महसूस कर रहा हूं. मैं फेबियानो कारूआना और इयान नेपाम्नियाश्चि के बीच मैच देख रहा था. इसके बाद टहलने चला गया जिससे मदद मिली.’
गुकेश को 88500 यूरो (78.5 लाख रुपये ) इनाम के तौर पर भी मिले. इस टूर्नामेंट की कुल ईनामी राशि पांच लाख यूरो है.
वह यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जीतने वाले विश्वनाथन आनंद के बाद दूसरे भारतीय बन गए. पांच बार के विश्व चैम्पियन आनंद ने 2014 में खिताब जीता था.
विश्वनाथन आनंद ने दी बधाई
आनंद ने एक्स पर लिखा,‘डी गुकेश को सबसे युवा चैलेंजर बनने पर बधाई. आपकी उपलब्धि पर गर्व है. मुझे निजी तौर पर आप पर बहुत गर्व है, जिस तरह से आपने कठिन हालात में खेला. इस पल का मजा लो.’
Congratulations to for becoming the youngest challenger. The family is so proud of what you have done . I’m personally very proud of how you played and handled tough situations. Enjoy the moment
— Viswanathan Anand (@vishy64theking)
गुकेश को जीत के लिए ड्रॉ की ही जरूरत थी और उन्होंने नकामूरा के खिलाफ कोई कोताही नहीं बरती. दूसरी ओर कारूआना और नेपाम्नियाश्चि की बाजी भी ड्रॉ रही. अगर दोनों में से कोई जीतता तो टाइब्रेक होता.
कारूआना, नेपाम्नियाश्चि और नकामूरा तीनों के 8.5 अंक रहे और वे संयुक्त दूसरे स्थान पर रहे. भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंद सात अंक लेकर पांचवें स्थान पर रहे, जिन्होंने अजरबैजान के निजात अबासोव को हराया.
गुकेश ने 12 वर्ष की उम्र में ग्रैंडमास्टर खिताब जीता था और वह शतरंज के इतिहास में तीसरे सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बने. उन्होंने हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत पदक भी जीता था.