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'कुछ लोग नहीं चाहते अर्जेंटीना जीते...', मेसी की टीम की मदद कर रहा FIFA? कोच स्कालोनी ने आलोचकों पर किया पलटवार

लियोनेल मेसी की अगुवाई वाली अर्जेंटीना का सामना क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड से होना है. मेसी की टीम की नजरें इस मैच को जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाने पर हैं. अर्जेंटीना ने 2022 में कतर में आयोजित फीफा वर्ल्ड कप अपने नाम किया था. अर्जेंटीना की टीम अपना टाइटल डिफेंड करने के लिए पूरा जोर लगा रही है.

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मिस्र के खिलाफ अर्जेंटीन को रोमांचक जीत मिली थी. (Photo: Reuters)
मिस्र के खिलाफ अर्जेंटीन को रोमांचक जीत मिली थी. (Photo: Reuters)

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना की जीत को लेकर उठ रहे सवालों पर हेड कोच लियोनेल स्कालोनी ने चुप्पी तोड़ी है. स्विट्जरलैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल से पहले स्कालोनी ने अपनी टीम का खुलकर बचाव किया. उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना पर इस तरह के आरोप कोई नई बात नहीं हैं और कुछ लोग नहीं चाहते कि मौजूदा चैम्पियन दोबारा खिताब जीते.

अर्जेंटीना ने राउंड ऑफ 16 में मिस्र को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी. हालांकि इस मैच के बाद रेफरी के कुछ फैसलों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया. मिस्र फुटबॉल एसोसिएशन ने फीफा से आधिकारिक शिकायत भी की, जिसके बाद ये आरोप लगे कि अर्जेंटीना को फीफा मदद कर रहा है.

स्विट्जरलैंड के खिलाफ मुकाबले से पहले स्कालोनी से जब इन आरोपों पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना को लेकर ऐसी बातें दशकों से होती आ रही हैं. स्कालोनी ने कहा, '40 साल पहले 1986 में भी कहा गया था कि अर्जेंटीना की मदद की गई. इसलिए यह कोई नई बात नहीं है. जहां तक मुझे याद है, अर्जेंटीना हमेशा ऐसी टीम रही है, जो टूर्नामेंट में हलचल पैदा करती है. हम खिलाड़ियों को बताते हैं कि कुछ लोग नहीं चाहते कि अर्जेंटीना जीते. यह सामान्य बात है. दूसरी टीमों के बारे में भी ऐसा सोचने वाले लोग होंगे. लेकिन शायद हमें हारते हुए देखने वालों की संख्या ज्यादा है क्योंकि हमने पिछला वर्ल्ड कप जीता था.'

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क्या था पूरा विवाद?
पूरा विवाद अर्जेंटीना और मिस्र के बीच खेले गए राउंड ऑफ 16 मुकाबले के बाद शुरू हुआ. अर्जेंटीना एक समय 0-2 से पीछे था, लेकिन क्रिस्टियन रोमेरो, लियोनेल मेसी और इंजरी टाइम में एंजो फर्नांडीज के गोल की बदौलत उसने 3-2 से जीत हासिल की. मैच के दौरान रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सियर ने VAR जांच के बाद मिस्र का एक गोल रद्द कर दिया था. इसके अलावा मोहम्मद सालाह के बॉक्स में गिरने पर मिस्र की पेनल्टी की मांग भी खारिज कर दी गई. इन फैसलों के बाद मिस्र फुटबॉल एसोसिएशन ने फीफा से शिकायत की.

लियोनेल स्कालोनी ने साफ किया कि उनकी टीम इन आरोपों से दबाव में आने के बजाय उन्हें प्रेरणा के रूप में इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा, 'हम आलोचनाओं और टिप्पणियों का इस्तेमाल बगावत करने के लिए करते हैं. इससे खिलाड़ियों को और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है.' अर्जेंटीना के कोच ने VAR का भी बचाव किया.

उनका मानना है कि मौजूदा तकनीक के दौर में किसी टीम को जानबूझकर फायदा पहुंचाना बेहद मुश्किल है. स्कालोनी ने कहा, 'VAR के रहते किसी टीम की मदद करना बहुत मुश्किल है. वर्ल्ड कप से पहले हमें साफ तौर पर बताया गया था कि तकनीक का इस्तेमाल कैसे होगा और अब तक उन्हीं नियमों का पालन किया गया है.'

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