चेक गणराज्य की लिंडा नोस्कोवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विम्बलडन 2026 में महिला एकल खिताब जीत लिया. नौवीं वरीयता प्राप्त नोस्कोवा ने खिताबी मुकाबले में हमवतन कैरोलिना मुचोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराया. शनिवार (11 जुलाई) को लंदन के सेंटर कोर्ट पर खेला गया यह खिताबी मुकाबला 2 घंटे और 28 मिनट तक चला.
21 साल की नोस्कोवा के करियर का ये पहला ग्रैंड स्लैम टाइटल रहा. नोस्कोवा पहली बार किसी ग्रैड स्लैम टूर्नामेंट का फाइनल खेल रही थीं. लिंडा नोस्कोवा ने मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की और पहला सेट 6-2 से अपने नाम किया. दूसरे सेट में भी उन्होंने 5-2 की बढ़त बना ली थी और खिताबी जीत से सिर्फ एक कदम दूर थीं.
हालांकि, 10वीं वरीयता प्राप्त कैरोलिना मुचोवा ने जबरदस्त वापसी करते हुए लगातार पांच गेम जीते. मुचोवा ने दूसरा सेट 7-5 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक सेट पहुंचा दिया. तीसरे और अंतिम सेट में लिंडा नोस्कोवा ने दबाव को बखूबी संभाला. उन्होंने शानदार सर्विस और दमदार ग्राउंडस्ट्रोक्स के दम पर 6-3 से सेट जीतकर मैच अपने नाम कर लिया.
बता दें कि 29 साल की कैरोलिना मुचोवा दूसरी बार किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थीं. इससे पहले मुचोवा ने फ्रेंच ओपन 2023 के दौरान महिला सिंगल्स फाइनल में जगह बनाई थी. वहां मुचोवा को पोलैंड की इगा स्वियातेक ने परास्त कर दिया था. अब मुचोवा को लिंडा नोस्कोवा ने खिताबी मुकाबले में हरा दिया. यानी मुचोवा का ग्रैंड स्लैम जीतने का सपना अब भी अधूरा है.
लिंडा नोस्कोवा की यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि वह पिछले चार वर्षों में विम्बलडन में महिला एकल खिताब जीतने वाली तीसरी चेक खिलाड़ी बन गईं. उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर महिला टेनिस में चेक गणराज्य के दबदबे को साबित किया है.