आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने लगातार दो मैचों में अर्धशतकीय पारियां खेलकर फॉर्म में वापसी कर ली है. मगर इसी बीच टीम इंडिया की ओपनिंग पहेली दोबारा उलझ गई है. इसके पीछे की मुख्य वजह संजू सैमसन की फॉर्म है. संजू मौकों का फायद नहीं उठा पाए और न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा टी20 सीरीज में अब तक 3 इनिंग्स खेलकर 16 रन ही जोड़ सके.
जब भारतीय चयनकर्ताओं ने टी20 वर्ल्ड कप टीम पर मंथन किया, तो एक अहम सवाल ये था कि अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत कौन करेगा? इसके लिए शुभमन गिल के साथ-साथ संजू सैमसन भी रेस में थे. फैसला आसान नहीं था क्योंकि मामला सिर्फ ओपनिंग का नहीं, बल्कि विकेटकीपर के संतुलन का भी था. अंततः बाजी संजू सैमसन के हाथ लगी थी. चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने साफ किया था कि शुभमन को बाहर रखने का फैसला फॉर्म से ज्यादा कॉम्बिनेशन को ध्यान में रखकर लिया गया.
ओपनिंग पोजीशन मिली, लेकिन...
किसी हद तक यह फैसला एक गलती को सुधारने जैसा था. दरअसल शुभमन गिल जब एशिया कप के जरिए टी20 टीम में लौटे, तो संजू सैमस की ओपनिंग पोजीशन छिन गई और उन्हें मिडिल ऑर्डर में भेजा जाने लगा. मिडिल ऑर्डर संजू के लिए मुफीद साबित नहीं हुआ. यहां वह न सिर्फ जूझते नजर आए, बल्कि बैक-अप विकेटकीपर जितेश शर्मा उनसे ज्यादा प्रभावी दिखे. वर्ल्ड कप की चर्चा शुरू होते-होते तस्वीर फिर पलटी. शुभमन रन नहीं बना पा रहे थे, तो संजू को दोबारा ओपनिंग सौंपी गई. उधर ईशान किशन को रिजर्व विकेटकीपर और टॉप-ऑर्डर कवर के तौर पर टीम में रखा गया.
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लेकिन भारत के पहले वर्ल्ड कप मैच से दो हफ्ते पहले इस मजबूत बल्लेबाजी तस्वीर पर एक दाग साफ नजर आने लगा है. भारत ने विरोधियों का मनोबल तोड़ देने वाली बल्लेबाजी के दम पर न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली, फिर भी इन तीन जीतों में संजू सैमसन की भूमिका लगभग नगण्य रही. गुवाहाटी में तो हालात और खराब रहे. लक्ष्य का पीछा करते हुए संजू पहली ही गेंद पर ऑफ-स्टंप गंवा बैठे. वह फ्लिक खेलने की कोशिश में पूरी तरह चूक गए. यह सिर्फ एक मैच या एक हफ्ते की समस्या नहीं है. जनवरी 2025 से अब तक संजू सैमसन ने नौ टी20I पारियों में ओपनिंग की है, जिसमें वो सिर्फ एक बार पावरप्ले पार कर पाए हैं. इस दौरान उन्होंने 11.55 की औसत और 133.33 की स्ट्राइक रेट से महज 104 रन बनाए.
2025 से टी20I में ओपनर के तौर पर संजू सैमसन
26 रन (20 गेंदें)
5 रन (7 गेंदें)
3 रन (6 गेंदें)
1 रन (3 गेंदें)
16 रन (7 गेंदें)
37 रन (22 गेंदें)
10 रन (7 गेंदें)
6 रन (5 गेंदें)
0 रन (1 गेंदें)
विडंबना यह है कि पहले के प्रदर्शन के दम पर संजू सैमसन को शुभमन गिल पर तरजीह दी गई थी. 2024 में संजू ने स्ट्राइक रेट और बड़े स्कोर्स दोनों के जरिए भरोसा जगाया था. हैदराबाद में बांग्लादेश के खिलाफ 47 गेंदों में 111 रन और जोहानिसबर्ग में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 56 गेंदों में 109 रन इसकी मिसाल हैं. अब सवाल उठ रहा है कि इन पारियों का क्रेडिट कब तक चलेगा?
पूर्व भारतीय कप्तान अजिंक्य रहाणे ने क्रिकबज के साथ संजू सैसमन की तकनीक पर खुलकर बात की. रहाणे ने कहा, 'उनके खेल में एक छोटा सा बदलाव दिख रहा है. वह बहुत ज्यादा पीछे जाकर खेल रहे हैं. इससे वह गेंद की ओर झुक नहीं पा रहे और थोड़ा सीधे खड़े रह जाते हैं. अगर आप उनके आउट होने के तरीके देखें तो पहले मैच में स्क्वायर लेग पर कैच दे बैठे और दूसरी में मिड-ऑन की तरफ. यह उसी बैक एंड अक्रॉस मूवमेंट का नतीजा है. टी20 में आप तकनीक के बारे में ज्यादा नहीं सोचते, लेकिन टाइमिंग अहम होती है.'
ईशान किशन ने बढ़ाई मुश्किल
संजू सैमसन की स्थिति इसलिए भी जटिल होती जा रही है क्योंकि ईशान किशन सलामी बैटर अभिषेक शर्मा की ही तरह पावरप्ले में हमला करने की पूरी क्षमता रखते हैं. रायपुर में उनकी नीयत ने सूर्यकुमार यादव तक को चौंका दिया था, जबकि गुवाहाटी में अभिषेक के साथ मिलकर उन्होंने पावरप्ले में 94 रन ठोक दिए. भले ही ईशान को प्लेइंग-11 मौका तिलक वर्मा की चोट के चलते मिला हो, लेकिन उन्होंने भारत के लिए ओपनिंग का अनुभव और आत्मविश्वास दोनों दिखा दिए हैं. हकीकत यह है कि संजू की नाकामी के चलते ईशान पावरप्ले में बैटिंग करने के लिए आना पड़ रहा है.
अब सवाल इस उलझते त्रिकोण संजू सैमसन, ईशान किशन और तिलक वर्मा का है. तिलक फिट होने की कगार पर हैं और वो जल्द ही भारतीय टीम में लौटेंगे. तिलक इस समय टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं और वो अच्छी फॉर्म में रहे हैं. अब देखना होगा कि तिलक की वापसी होने पर फॉर्म में चल रहे ईशान किशन को ड्रॉप किया जाएगा या संजू का पत्ता कटेगा.
फिलहाल ऐसा नहीं लगता कि संजू सैमसन की जगह पर तुरंत तलवार लटकी है. टीम मैनेजमेंट ने हाल ही में टॉप ऑर्डर में उन पर भरोसा जताया है.जिस तरह सूर्यकुमार यादव ने तीन दिनों में अपनी फॉर्म वापस पाई, उसी उम्मीद के साथ संजू को विशाखापत्तनम और तिरुवनंतपुरम में मौका मिलेगा. लेकिन अगर वहां भी तस्वीर नहीं बदली, तो वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम इंडिया को एक बार फिर कठिन फैसला लेना पड़ सकता है और उस फैसले के केंद्र में एक बार फिर संजू होंगे...