पूर्व इंग्लैंड कप्तान नासिर हुसैन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश को बाहर किए जाने के मामले में ICC की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा है कि अगर टीम इंडिया आखिरी वक्त में किसी देश में खेलने से इनकार करती, तो क्या ICC उतनी ही सख्ती दिखाता?
ICC ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टीम इंडिया में खेलने से इनकार करने पर बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया.
स्काई स्पोर्ट्स क्रिकेट पॉडकास्ट पर बात करते हुए हुसैन ने कहा- अगर कोई टीम, खासकर टीम इंडिया, टूर्नामेंट से एक महीने पहले कहे कि उसकी सरकार किसी देश में खेलने की इजाजत नहीं दे रही, तो क्या ICC उसी तरह कहेगा कि नियम हैं और हम आपको बाहर कर रहे हैं.
57 वर्षीय हुसैन ने वर्ल्ड क्रिकेट में नियमों की समानता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और टीम इंडिया, सभी को एक ही तराजू पर तौला जाना चाहिए. हुसैन ने कहा- टीम इंडिया के फैन्स कह सकते हैं कि हमारे पास पैसा है, लेकिन ताकत के साथ जिम्मेदारी भी आती है.
बांग्लादेश का भारत न आने का फैसला तब सामने आया जब तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को BCCI के निर्देश पर IPL से बाहर कर दिया गया. हालांकि भारतीय बोर्ड ने इसकी आधिकारिक वजह नहीं बताई.
बांग्लादेश के बाहर होने के बाद पाकिस्तान ने 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले टीम इंडिया के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप मुकाबले का बायकॉट करने का फैसला किया. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे बांग्लादेश के प्रति एकजुटता बताया.
नासिर हुसैन ने चेतावनी दी कि अगर राजनीति इसी तरह क्रिकेट पर हावी रही तो खेल खुद को ही नुकसान पहुंचाएगा. उन्होंने कहा- मुझे पसंद है कि बांग्लादेश अपने खिलाड़ियों के लिए खड़ा हुआ. पाकिस्तान ने भी बांग्लादेश का साथ दिया. अब वक्त है कि राजनीति को अलग रखकर क्रिकेट खेला जाए.
ICC ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर वह बायकॉट के फैसले पर कायम रहता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.