इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत की बेहद शर्मनाक हार के बाद टीम इंडिया के भीतर सब कुछ ठीक नहीं होने की चर्चा तेज हो गई है.
पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक का मानना है कि मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के बीच तालमेल की कमी साफ दिखाई दे रही है और यदि इस स्थिति को जल्द नहीं सुधारा गया तो भारतीय क्रिकेट को इसका बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है.
कार्तिक ने कहा कि टीम चयन और भविष्य की रणनीति को लेकर गंभीर और अगरकर एक ही सोच पर नजर नहीं आ रहे हैं. उनका मानना है कि जब कोच और चयनकर्ता एक दिशा में काम नहीं करते, तो उसका सीधा असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन, ड्रेसिंग रूम के माहौल और टीम के नतीजों पर पड़ता है.
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टी20 विश्व कप 2026 में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' रहे संजू सैमसन को लगातार तीन खराब पारियों के बाद टीम से बाहर कर दिया गया, जबकि इससे पहले टीम मैनेजमेंट लगातार उनका समर्थन करता रहा था.
"Friction between the chief selector and head coach Gautam Gambhir regarding team selection are clearly evident. This is not good for the players and the team."
— Indian Cricket 🏏 (@navshar54008403) July 13, 2026
- Dinesh Karthik pic.twitter.com/mxixKljYlH
सैमसन की जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को अगले तीन टी20 मुकाबलों में मौका दिया गया. हालांकि, वैभव भी बड़ी पारी नहीं खेल सके और उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के अंतिम टी20 मैच से बाहर कर फिर से संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में शामिल कर लिया गया.
स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने टीम इंडिया के इस फैसले पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि टीम मैनेजमेंट का यह रवैया सही नहीं है और चयन नीति में लगातार बदलाव खिलाड़ियों का आत्मविश्वास प्रभावित कर सकता है.
कार्तिक ने कहा कि भारतीय टीम को इस समस्या का जल्द समाधान निकालना होगा, क्योंकि चयन में निरंतरता और खिलाड़ियों पर भरोसा किसी भी सफल टीम की सबसे बड़ी ताकत होती है.
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भारत हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज 0-2 से हार गया, जबकि इंग्लैंड ने भी टी20 सीरीज में भारतीय टीम को एक भी मैच नहीं जीतने दिया.
लगातार मिली इन हारों के बाद टीम मैनेजमेंट, चयन प्रक्रिया और रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं. कार्तिक का मानना है कि अब केवल खिलाड़ियों को बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा.
जरूरत इस बात की है कि कोच और चयन समिति के बीच स्पष्ट संवाद और बेहतर समन्वय स्थापित हो, ताकि टीम एक तय योजना के साथ आगे बढ़ सके.