भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने पहली बार ये माना है कि वह दिग्गज बल्लेबाजों विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ अपने रिश्तों को बेहतर तरीके से संभाल नहीं पाए. 16 मार्च (सोमवार) को कोलकाता में आयोजित रेवस्पोर्ट्ज कॉन्क्लेव (Revsportz Conclave) में बोलते हुए गंभीर ने माना कि पिछले डेढ़ साल में उनसे कुछ गलतियां हुई होंगी, लेकिन उनकी नीयत हमेशा सही रही.
गौतम गंभीर ने कहा, 'मैं इंसान हूं और मुझे भी गलतियां करने की अनुमति होनी चाहिए. खिलाड़ियों को भी गलतियां करने का हक है, पिछले 18 महीनों में मुझसे भी गलतियां हुई होंगी और मैं इससे पीछे नहीं हटता. लेकिन मैं हमेशा एक बात मानता हूं कि सही नीयत से लिया गया गलत फैसला भी स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन गलत नीयत से लिया गया फैसला ड्रेसिंग रूम में बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है.'
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गौतम गंभीर ने आगे कहा, 'जब तक मैं अपने ड्रेसिंग रूम के सामने ईमानदारी से खड़ा होकर उनकी आंखों में देखकर बात कर सकता हूं, तब तक मुझे लगता है कि मैं अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभा रहा हूं.' गंभीर के कोच बनने के कुछ महीने बाद ही भारत के दो सबसे अनुभवी खिलाड़ियों विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया.
यह फैसला बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आया था. इसके अलावा भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी उम्मीद के बिल्कुल विपरीत नतीजे मिले. ऐसे में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने टीम के प्रदर्शन की समीक्षा की और कुछ नए दिशा-निर्देश लागू किए.
रोहित शर्मा और विराट कोहली के रेड बॉल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भारतीय टेस्ट टीम में बदलाव का दौर शुरू हो गया. युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौके दिए जाने लगे और टीम की कप्तानी शुभमन गिल को सौंपी गई. गंभीर और शुभमन के अंडर भारत ने इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज ड्रॉ किया और वेस्टइंडीज को अपने घर पर हराया. हालांकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा.
विराट कोहली और रोहित शर्मा अब भारतीय टीम के लिए सिर्फ वनडे फॉर्मेट में खेल रहे हैं और दोनों की नजरें 2027 वर्ल्ड कप पर हैं. हालांकि टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि वर्ल्ड कप टीम में उनकी जगह अपने आप तय नहीं होगी और चयन पूरी तरह परफॉर्मेंस के आधार पर किया जाएगा.