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रहस्यमयी रॉकेट चांद से टकराया, बनाए दो गड्ढे... NASA वैज्ञानिक नहीं सुलझा पा रहे गणित

चांद की सतह पर दो गड्ढे मिले है, जो एक रहस्यमयी रॉकेट की टक्कर से बना है. लेकिन उसके आसपास कहीं भी रॉकेट के बूस्टर या हिस्से का कोई अता-पता नहीं चल रहा है. यह टक्कर चार महीने पहले हुई थी. तस्वीरें नासा के LRO ने ली हैं. वैज्ञानिकों को समझ नहीं आ रहा कि रॉकेट के एक हिस्से की टक्कर से दो गड्ढे कैसे बन गए?

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नासा द्वारा ली गई इस तस्वीर में तीर के सामने साफ तौर पर दिख रहे हैं दो गड्ढे. (फोटोः NASA) नासा द्वारा ली गई इस तस्वीर में तीर के सामने साफ तौर पर दिख रहे हैं दो गड्ढे. (फोटोः NASA)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • किसी एक वस्तु की टक्कर से दो गड्ढे बनना मुश्किल
  • नासा के LRO ने भेजी चांद पर बने गड्ढों की फोटो

चांद पर चार महीने पहले एक रॉकेट टकराया. उससे दो गड्ढे बने. नासा (NASA) के लूनर रिकॉन्सेंस ऑर्बिटर (LRO) ने गड्ढों को तो खोज लिया. लेकिन रॉकेट के टुकड़ों की कोई खोज-खबर नहीं है. वैज्ञानिकों के लिए एक दिक्कत और है कि आमतौर पर रॉकेट की टक्कर से एक गड्ढा बनता है. लेकिन यहां अगल-बगल दो गड्ढे हैं. कोई भी वस्तु टक्कर से एक ही जगह पर दो गड्ढे नहीं बना सकती. अब ये गुत्थी वैज्ञानिकों से सुलझ नहीं रही है. 

4 मार्च 2022 को एक रॉकेट बूस्टर चांद के अंधेरे वाले हिस्से से टकराया था. LRO ने तस्वीरें 25 मई 2022 को ली हैं. तस्वीरें जब वैज्ञानिकों को हासिल हुई तब उन्हें दो गड्ढे एकसाथ दिखे. जिससे वो हैरान-परेशान हैं. दिक्कत ये है कि किसी भी एक चीज की टक्कर से एक ही गड्ढा बनता है. लेकिन यहां एकसाथ दो गड्ढे हैं. ऐसा भी नहीं है कि पहले वहां गड्ढा रहा हो. वह मैदानी इलाका था. 

NASA के लूनर रिकॉन्सेंस ऑर्बिटर ने 25 मई 2022 को ली थी चांद के इन दो नए गड्ढों की तस्वीर. (फोटोः NASA)
vNASA के लूनर रिकॉन्सेंस ऑर्बिटर ने 25 मई 2022 को ली थी चांद के इन दो नए गड्ढों की तस्वीर. (फोटोः NASA)

इससे पहले अपोलो एस-IVBs (Apollo S-IVBs) के कई रॉकेट बूस्टर चांद पर टकराए लेकिन किसी ने भी डबल क्रेटर नहीं बनाया. ऐसा नहीं है कि ये हो नहीं सकता लेकिन ये लगभग असंभव है. अगर कोई वस्तु कम एंगल से जाकर चांद की सतह से टकराती है तो डबल क्रेटर बनने की उम्मीद रहती है. लेकिन यहां ऐसा नहीं लगा रहा. 

चांद से टकराने वाला था SpaceX का रॉकेट... पढ़ें ये खबर

अंतरिक्ष विज्ञानी बिल ग्रे ने ही सबसे पहले इन गड्ढों को खोजा था. इन्होंने ही जनवरी 2022 में रॉकेट बूस्टर के चांद से टकराने की भविष्यवाणी की थी. बिल ग्रे कहते हैं कि रॉकेट की दिशा और दशा की गणित ये बताती है कि ये वर्टिकली 15 डिग्री के एंगल से जाकर टकराया होगा. इसलिए इससे दो गड्ढे बनने की उम्मीद नहीं लग रही है. यहां दो गड्ढे हैं. पहला पूर्व दिशा में जिसका व्यास 18 मीटर है, यह पश्चिमी गड्ढे के ऊपर चढ़ा हुआ है. पश्चिमी गड्ढा 16 मीटर व्यास का है.

LRO कैमरा टीम के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर मार्क रॉबिन्सन कहते हैं कि ऐसा हो सकता है कि टक्कर वाली जगह पर कोई बड़ा पत्थर रहा हो. जिसके आसपास रॉकेट गिरा हो. रॉकेट के गिरने से जो शॉकवेव पैदा हुई, उससे पत्थर ने बगल में गड्ढा बना दिया हो. लेकिन इसे लेकर पुख्ता डेटा अभी तक नहीं मिले हैं. जो रॉकेट चांद से टकराया है, उसे लेकर भी पुख्ता जानकारी अभी तक नहीं है. 

पहले कहा गया था कि SpaceX के रॉकेट का ऊपरी हिस्सा है, जो चांद की तरफ जा रहा है. जो NASA का डीप स्पेस क्लाइमेट ऑब्जरवेटरी लेकर गया है. लेकिन बाद में यह बात खारिज हो गई. इसके बाद खबर आई कि ये चीन (China) के चांगई-5टी1 मिशन के रॉकेट का हिस्सा था. लेकिन दूसरे दिन ही चीन के विदेश मंत्री ने इस बात से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा कि ये चीन का रॉकेट नहीं है. 

स्पेसएक्स और चीन के रॉकेट की भविष्यवाणी भी बिल ग्रे ने की थी. वो आज भी इस बात को लेकर पुख्ता हैं कि चांद से टकराने वाला रॉकेट चीन का था. चीन के विदेश मंत्री अपने ही दो मिशनों के नाम में कन्फ्यूज हो गए हैं. 

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