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मादा के लिए खूनी जंग! जमीन से मधुमक्खी के निकलते ही टूट पड़े दर्जनों नर, देखें Video

मादा के लिए खूनी जंग! ऑस्ट्रेलिया में डॉसन की बुरोइंग मधुमक्खी की मादा लगभग एक साल जमीन के नीचे रहने के बाद सतह पर निकली. तुरंत दर्जनों नर मधुमक्खियां उस पर टूट पड़ीं और मेटिंग बॉल बना लिया. शक्तिशाली जबड़ों और कांटेदार टांगों से लड़ाई इतनी होती है कि कई मधुमक्खियां कुचलकर मर जाती हैं.

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मादा मधुमक्खी के पीछे पड़े नर (लाल घेरे में). ऊपर मौका खोजते अन्य नर मधुमक्खियां. (Screengrab: National Geographic)
मादा मधुमक्खी के पीछे पड़े नर (लाल घेरे में). ऊपर मौका खोजते अन्य नर मधुमक्खियां. (Screengrab: National Geographic)

ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तानी इलाकों में एक अनोखा और खतरनाक दृश्य देखने को मिल रहा है. डॉसन बुरोइंग मधुमक्खी (Dawson’s burrowing bee) की मादा लगभग एक साल तक जमीन के नीचे छिपी रहती है. जैसे ही वह सतह पर निकलती है, दर्जनों नर मधुमक्खियां उस पर टूट पड़ती हैं. 

यह दृश्य इतना खतरनाक होता है कि इसे खूनी जंग कहा जा सकता है. नेशनल ज्योग्राफिक के वीडियो में यह मंजर कैद हुआ है. इसमें नर मधुमक्खियां एक-दूसरे से लड़ते हुए मादा को घेर लेती हैं.

यहां देखिए वीडियो

डॉसन बुरोइंग मधुमक्खी क्या है?

डॉसन बुरोइंग मधुमक्खी (Amegilla dawsoni) एक प्रजाति है जो पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के सूखे मैदानों में पाई जाती है. यह सामान्य शहद की मधुमक्खी जैसी सामाजिक नहीं होती. हर मादा अपनी अलग मिट्टी की सुरंग बनाती है और अकेले बच्चों का पालन करती है. 

ये मधुमक्खियां लाल-भूरी मिट्टी में हजारों की संख्या में घोंसला बनाती हैं. नर और मादा दोनों का आकार अलग-अलग होता है. बड़े नर (मेजर) आक्रामक होते हैं जबकि छोटे नर (माइनर) चालाकी से मौका देखते हैं. यह प्रजाति वसंत में सक्रिय होती है. एक साल में सिर्फ एक बार प्रजनन करती है.

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मादा का एक साल भूमि के नीचे रहना

मादा डॉसन बुरोइंग मधुमक्खी का लाइफ साइकिल बहुत दिलचस्प है. पिछले साल गर्मियों में मां मधुमक्खी ने अंडे दिए थे. उनमें से निकली लार्वा मिट्टी में रहकर भोजन खाती रही. फिर वह प्यूपा बन गई और लगभग एक साल तक निष्क्रिय पड़ी रही. सर्दी और गर्मी दोनों मौसमों में वह जमीन के अंदर सुरक्षित रही. 

Bloody fight for female

वसंत का मौसम शुरू होते ही वह प्यूपा से वयस्क मधुमक्खी बनकर सतह पर निकलने की तैयारी करती है. यह निकलना बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि मादा को सिर्फ एक बार ही संभोग करना होता है. निकलते समय वह एक विशेष गंध (फेरोमोन) छोड़ती है जो नरों को आकर्षित करती है.

निकलते ही नरों का पागलपन से भरा हमला

जैसे ही मादा जमीन से सिर निकालती है, आसपास इंतजार कर रहे दर्जनों नर उस पर झपट पड़ते हैं. कभी-कभी तो सैकड़ों नर एक साथ आ जाते हैं. वे मादा को चारों तरफ से घेर लेते हैं और मेटिंग बॉल बना देते हैं. यह गेंद जैसा समूह इतना घना होता है कि मादा हिल भी नहीं पाती. 

नर एक-दूसरे को धक्का देते, काटते और पैरों से पकड़कर मादा तक पहुंचने की कोशिश करते हैं. छोटे नर किनारे पर खड़े रहकर मौका देखते हैं जबकि बड़े नर बीच में घुसकर लड़ते हैं. पूरा दृश्य कुछ सेकंड से लेकर मिनटों तक चल सकता है.

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शक्तिशाली जबड़े और कांटेदार टांगों से लड़ाई

नर मधुमक्खियों के पास लड़ाई के लिए खास हथियार होते हैं. उनके जबड़े (मैंडिबल्स) बहुत मजबूत होते हैं जिनसे वे दूसरे नरों को काट या पकड़ सकते हैं. उनकी टांगों पर कांटे होते हैं जो फिसलने नहीं देते. वे इनका इस्तेमाल करके दूसरे नर को दूर धकेलते हैं. 

कभी-कभी इतनी जोरदार लड़ाई होती है कि मधुमक्खियां एक-दूसरे को कुचल देती हैं. मादा भी इस दबाव में फंसकर घायल हो सकती है या मर सकती है. लेकिन प्रकृति ने ऐसा इंतजाम किया है कि ज्यादातर मामलों में एक नर सफल हो जाता है. संभोग के तुरंत बाद मादा की गंध बदल जाती है. बाकी नर उसे छोड़ देते हैं.

यह खूनी संघर्ष क्यों होता है?

यह संघर्ष इसलिए होता है क्योंकि मादा बहुत कम संख्या में होती हैं. हर मादा सिर्फ एक बार संभोग करती है. नरों की संख्या मादाओं से कहीं ज्यादा होती है - कभी-कभी सैकड़ों नर एक मादा के लिए लड़ते हैं. नरों को सिर्फ एक मौका मिलता है. इसलिए वे अपनी पूरी ताकत लगा देते हैं. 

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बड़े नर पैट्रोलिंग करके पहले पहुंचते हैं जबकि छोटे नर चालाकी से इंतजार करते हैं. यह प्रकृति का तरीका है जिसमें सिर्फ सबसे मजबूत या चालाक नर ही अपना जीन आगे बढ़ा पाते हैं. वैज्ञानिक इसे सेक्सुअल सिलेक्शन कहते हैं. इस मेटिंग बॉल में कई नर मर जाते हैं. कुछ कुचल जाते हैं. कुछ थकान से मर जाते हैं. कुछ घायल होकर बाद में मर जाते हैं. 

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कभी-कभी मादा भी इस भीड़ में दबकर मर जाती है. लेकिन यह प्रकृति का हिस्सा है. जो मादा बच जाती है वह तुरंत घोंसला बनाने लगती है और अगली पीढ़ी तैयार करती है. वैज्ञानिक कहते हैं कि इस गुस्से वाले आक्रामक व्यवहार के बावजूद प्रजाति बची हुई है. ऑस्ट्रेलिया के सूखे इलाकों में हजारों घोंसले देखे जाते हैं.

वीडियो क्यों वायरल हो रहा है?

नेशनल ज्योग्राफिक ने इस दृश्य को कैमरे में कैद किया है. वीडियो में मादा के निकलते ही नरों का हमला दिखाया गया है जो देखने वालों को हैरान कर देता है. लोग इसे मधुमक्खियों की खूनी जंग कह रहे हैं. यह वीडियो न सिर्फ मनोरंजक है बल्कि प्रकृति की कठोर सच्चाई भी दिखाता है.

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इसमें बताया गया है कि कैसे एक छोटी सी मधुमक्खी की जिंदगी इतनी संघर्षपूर्ण हो सकती है. अगर आपने अभी तक वीडियो नहीं देखा तो जरूर देखें – यह आपको मधुमक्खियों के बारे में नई जानकारी देगा. 

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