मई का महीना दक्षिण और पूर्वी एशिया के लिए मौसम के दो चरम और विपरीत रूपों को लेकर आया है. जहां एक ओर भारत भीषण हीटवेव की चपेट में है. वहीं दूसरी चीन इस समय कुदरत के दोहरे कोहराम से कराह रहा है. चीन के दक्षिणी और मध्य प्रांतों में भारी बारिश के बाद बाढ़ आ गई है. इसके ठीक पहले दक्षिण चीन के गुआंशी झुआंग स्वायत्त क्षेत्र में एक के बाद दो शक्तिशाली भूकंप के झटकों ने धरती को हिला कर रख दिया. Photo: AP
चीन में आपदाओं की शुरुआत दक्षिणी क्षेत्र में स्थित गुआंशी झुआंग स्वायत्त क्षेत्र से हुई. यहां के लियूझोउ शहर में 18 मई को तड़के सुबह 5.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने सोते हुए लोगों को झंझोड़ कर रख दिया. इस भूकंप का केंद्र जमीन से महज 8 किलोमीटर की गहराई पर था, जिसके कारण बेहद तेज और विनाशकारी झटके महसूस किए गए. भूकंप के कारण लियूझोउ शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में 13 इमारतें पूरी तरह जमींदोज हो गईं और दर्जनों अन्य मकानों में गंभीर दरारें आ गईं. Photo: AFP
इस आपदा में 2 लोगों की मौत हो चुकी है. मलबे के नीचे दबे कुछ और लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. भूकंप के फौरन बाद प्रशासन ने एहतियात बरतने और जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों से 7000 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया है. Photo: AFP
भूकंप के खौफ से चीन अभी संभल भी नहीं पाया था कि मूसलाधार मानसूनी बारिश ने देश के दक्षिणी और मध्य हिस्सों को जलमग्न कर दिया. Photo: AFP
गुइझोउ प्रांत के दुयुन शहर में 19 मई को महज़ 24 घंटों के भीतर 310 मिलीमीटर से अधिक रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई. इसके कारण जियानजियांग नदी के तटबंध टूट गए और उफनती नदी का पानी दुयुन शहर की सड़कों पर बहने लगा. शहर की मुख्य सड़कों पर गाड़ियां खिलौनों की तरह पानी में तैर रही हैं और कई गाड़ियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं. Photo: Reuters
इस हफ्ते की शुरुआत से जारी मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण चीन के विभिन्न प्रांतों में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग अब भी लापता हैं. सबसे भीषण हादसा गुआंशी प्रांत में हुआ, जहां कृषि मजदूरों को ले जा रहा एक पिकअप ट्रक उफनती नदी में बह गया, जिससे 10 लोगों की मौत हो गई. प्रभावित प्रांतों से अब तक 24,000 से अधिक लोगों को सेना और आपातकालीन टीमों की मदद से सुरक्षित निकाला गया है. Photo: Reuters
जहां तक भूकंप की बात है, चीन का गुआंशी और दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है. भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच होने वाले निरंतर घर्षण और ऊर्जा के संचय के कारण इस क्षेत्र की फॉल्ट लाइनों में अचानक हलचल होती है, जो 18 मई को आए इस 5.2 तीव्रता के भूकंप की मुख्य वजह बनी. Photo: AFP
मध्य और दक्षिणी चीन में अचानक आई इस प्रलयकारी बाढ़ के पीछे 'ला नीना' और 'हिंद महासागर द्विध्रुव' जैसी वैश्विक समुद्री स्थितियां जिम्मेदार हैं. पश्चिमी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से अधिक गर्म है. इस वजह से भारी मात्रा में जलवाष्प दक्षिण चीन सागर और बंगाल की खाड़ी से उठकर दक्षिणी चीन की ओर बढ़ रही है. जब यह अत्यधिक नमी से भरी हवाएं चीन के पर्वतीय क्षेत्रों से टकराती हैं, तो कम समय में ही क्लाउडबर्स्ट जैसी मूसलाधार बारिश को अंजाम देती हैं. Photo: Reuters
यह सवाल हर किसी के मन में उठ रहा है कि जब भारत और चीन दोनों पड़ोसी देश हैं, तो एक ही समय पर भारत में 48 डिग्री सेल्सियस जैसी झुलसाने वाली गर्मी क्यों पड़ रही है, जबकि चीन पानी-पानी हो रहा है. Photo: AFP
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसके पीछे एक स्थापित वायुमंडलीय मैकेनिज्म काम करता है, जिसे एंटी-चक्रवात (Anti-Cyclone) और मानसूनी ट्रफ का विभाजन कहा जाता है. Photo: Reuters