scorecardresearch
 
Advertisement
साइंस न्यूज़

अपनी नहीं, दूसरी प्रजाति की औलाद पैदा कर रही चींटी रानी, वैज्ञानिकों ने पहली बार देखा ऐसा खेल

Ant Cloning
  • 1/8

चींटियों की दुनिया में एक बेहद अलग मामला सामने आया है. मेसर इबेरिकस नाम की चींटी की रानी अपनी प्रजाति के नर के अलावा दूसरी प्रजाति मेसर स्ट्रक्टर के नर भी पैदा करती है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, रानी दूसरी प्रजाति के नर का क्लोन बनाकर उसे अपनी कॉलोनी में पैदा करती है. यह पहली बार है जब किसी प्रजाति को दूसरी प्रजाति का क्लोन बनाते हुए देखा गया है. यह रिसर्च ‘नेचर’ जर्नल में छपी है. Photo: Getty

Ant Cloning
  • 2/8

वैज्ञानिकों ने इस बात की पुष्टि के लिए कई चींटी कॉलोनियों की जांच की. रिसर्च टीम ने 26 मेसर इबेरिकस कॉलोनियों से 132 नर चींटियां इकट्ठी कीं. इनमें करीब 44 फीसदी नर बालों वाले थे, जबकि बाकी नर लगभग बिना बालों वाले थे. डीएनए जांच में पता चला कि ये एक ही प्रजाति के नहीं थे. बालों वाले नर मेसर इबेरिकस के थे, जबकि बिना बालों वाले नर मेसर स्ट्रक्टर के थे.  Photo: Getty

Ant Cloning
  • 3/8

दूसरी प्रजाति के नर की जरूरत क्यों?... इस पूरी प्रक्रिया में मेसर स्ट्रक्टर के नर का खास काम है. मेसर इबेरिकस की रानी को वर्कर चींटियां पैदा करने के लिए मेसर स्ट्रक्टर के स्पर्म की जरूरत होती है. दोनों प्रजातियों के मिलने से ऐसी वर्कर चींटियां पैदा होती हैं, जिनमें दोनों के जेनेटिक हिस्से होते हैं.  Photo: Getty

Advertisement
Ant Cloning
  • 4/8

वैज्ञानिकों ने 164 वर्कर चींटियों के जीनोम की जांच की. इन सभी में दोनों प्रजातियों के जेनेटिक हिस्से मिले. यानी ये वर्कर चींटियां हाइब्रिड थीं. लेकिन एक सवाल था. कुछ जगहों पर मेसर इबेरिकस की कॉलोनियां ऐसी जगह भी मिलीं, जहां मेसर स्ट्रक्टर की कोई कॉलोनी नहीं थी. फिर वहां इन चींटियों को दूसरी प्रजाति का स्पर्म कैसे मिल रहा था?  Photo: Getty

Ant Cloning
  • 5/8

रानी खुद बनाती है दूसरी प्रजाति के नर... वैज्ञानिकों को जांच में पता चला कि रानी खुद ही दूसरी प्रजाति के नर तैयार कर रही है. रानी मेसर स्ट्रक्टर के नर से मेटिंग के बाद उसका स्पर्म अपने शरीर में रख लेती है. इसके बाद जब रानी अंडे देती है तो कुछ अंडों में अपने जेनेटिक हिस्से को शामिल नहीं करती. इन अंडों से ऐसे नर पैदा होते हैं, जिनका न्यूक्लियर डीएनए मेसर स्ट्रक्टर का होता है. यानी ये नर दूसरी प्रजाति के क्लोन होते हैं.  Photo: Getty
 

Ant Cloning
  • 6/8

हालांकि इन नर की माइटोकॉन्ड्रिया मेसर इबेरिकस की होती है. यही बात वैज्ञानिकों के लिए इस क्लोनिंग का बड़ा सबूत बनी. रिसर्च टीम ने 286 अंडों और लार्वा की जांच की. इनमें 11.5 फीसदी में सिर्फ मेसर स्ट्रक्टर का न्यूक्लियर डीएनए मिला. वैज्ञानिकों ने एक लैब कॉलोनी को 18 महीने तक भी देखा. इस दौरान एक ही रानी की कॉलोनी में दोनों प्रजातियों के नर पैदा होते देखे गए.  Photo: Getty

Ant Cloning
  • 7/8

दोनों प्रजातियां 50 लाख साल पहले हुई थीं अलग... डीएनए जांच से पता चला कि मेसर इबेरिकस और मेसर स्ट्रक्टर करीब 50 लाख साल पहले अलग-अलग प्रजातियां बन गई थीं. इसके बावजूद आज इनका रिप्रोडक्शन एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है. इस तरीके की वजह से मेसर इबेरिकस उन जगहों पर भी अपनी कॉलोनी चला सकती है, जहां मेसर स्ट्रक्टर मौजूद नहीं है. रानी को दूसरी प्रजाति के नर की तलाश करने की जरूरत नहीं पड़ती. वह खुद उनके क्लोन पैदा कर सकती है.  Photo: Getty
 

Ant Cloning
  • 8/8

वैज्ञानिकों के मुताबिक, चींटियों में क्लोनिंग पहले भी देखी गई है. लेकिन एक प्रजाति का दूसरी प्रजाति को क्लोन करके पैदा करना पहले कभी दर्ज नहीं हुआ था. यही वजह है कि यह खोज चींटियों के रिप्रोडक्शन और एवोल्यूशन को समझने के लिए काफी अहम मानी जा रही है.  Photo: Getty

Advertisement
Advertisement