Sawan 2026: इस साल सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है. पूजा-पाठ के लिहाज से यह महीना बहुत खास होता है. सावन के महीने में चारों तरफ हरियाली और एक अच्छी ऊर्जा होती है, इसलिए इन दिनों घर में तुलसी का पौधा लगाना बहुत शुभ माना जाता है. वास्तु के मुताबिक भी सावन में तुलसी लगाने से घर की सारी नेगेटिविटी दूर होती है.
तुलसी लगाने के लिए महत्वपूर्ण नियम
सावन में पौधा लगाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है.
सही दिशा: तुलसी का पौधा हमेशा घर की उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा में लगाना सबसे उत्तम माना जाता है.
जल निकासी: सावन में नमी के कारण मिट्टी में जल-भराव (Waterlogging) हो सकता है, जिससे जड़ें सड़ सकती हैं. अतः गमले में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें.
पूजा विधि: सावन में तुलसी की पूजा करना अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए फलदायी है, लेकिन ध्यान रहे कि भगवान शिव की पूजा में तुलसी दल (पत्ती) का उपयोग वर्जित है.
तुलसी पर मंजरी आना: शुभ संकेत और उपाय
अक्सर सावन के दौरान तुलसी पर मंजरी (तुलसी के बीज) आने लगती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी पर मंजरी आना अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है. यह इस बात का प्रतीक है कि मां लक्ष्मी की कृपा आपके घर पर बनी हुई है और जल्द ही कोई शुभ समाचार मिल सकता है.
मंजरी आने पर क्या करें?
भगवान विष्णु को अर्पित करें: मंजरी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है. यदि तुलसी पर मंजरी आ जाए, तो उसे तोड़कर भगवान विष्णु या लड्डू गोपाल को अर्पित करना चाहिए. इससे आर्थिक स्थिति में सुधार होता है.
शिवलिंग से रखें दूर: मंजरी को कभी भी शिवलिंग पर न चढ़ाएं, क्योंकि शास्त्रों में इसे वर्जित माना गया है.
बीज के रूप में प्रयोग: यदि मंजरी सूख जाए, तो इसे फेंकने के बजाय गमले की मिट्टी में डाल दें. इससे नए तुलसी के पौधे उगेंगे, जिससे घर में हरियाली और बरकत बनी रहती है.