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Panchak 2026: जुलाई में दोहरा पंचक का साया, इन तारीखों पर भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां

Panchak July 2026: जुलाई 2026 में दो बार पंचक का साया रहेगा. जानें पंचक की सही तारीखें, इसका अशुभ प्रभाव और किन कामों से आपको बचना चाहिए.

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पंचक के पांच दिनों में नकारात्मक ऊर्जा अधिक रहती है, इसलिए इन दिनों में कुछ विशेष कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है.
पंचक के पांच दिनों में नकारात्मक ऊर्जा अधिक रहती है, इसलिए इन दिनों में कुछ विशेष कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है.

July Pnachak 2026: ज्योतिष शास्त्र में पंचक को बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील समय माना जाता है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि पर गोचर करता है, तो उस पांच दिनों की अवधि को पंचक कहा जाता है.  इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है. जुलाई 2026 में एक नहीं, बल्कि दो बार पंचक का साया रहेगा. आइए जानते हैं कि यह कब शुरू होगा और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है. 

जुलाई 2026 में कब लगेगा पंचक?

जुलाई का महीना धार्मिक दृष्टिकोण से काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है क्योंकि इस महीने में दो बार पंचक का योग बन रहा है:

पहला पंचक: यह जुलाई की शुरुआत में ही लगेगा. इसकी शुरुआत 4 जुलाई 2026 को होगी और इसका समापन 9 जुलाई 2026 को होगा.

दूसरा पंचक: महीने के अंत में, यानी 31 जुलाई 2026 को दूसरा पंचक शुरू होगा, जो अगस्त के शुरुआती दिनों तक बना रहेगा.

पंचक के दौरान क्या न करें?

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, पंचक के पांच दिनों में नकारात्मक ऊर्जा अधिक रहती है, इसलिए इन दिनों में कुछ विशेष कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है:

लकड़ी का सामान: पंचक के दौरान लकड़ी का सामान खरीदना या लकड़ी कटवाना शुभ नहीं माना जाता. 

निर्माण कार्य: यदि आप नया घर बनवा रहे हैं, तो इन पांच दिनों में छत ढलवाने का काम न करें.  यह आर्थिक नुकसान और घर में अशांति का कारण बन सकता है. 

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दक्षिण दिशा में यात्रा: पंचक काल में दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा यमराज की मानी जाती है.

अंतिम संस्कार: यदि किसी व्यक्ति का निधन पंचक काल में होता है, तो शांति के लिए विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना करना आवश्यक होता है.

शुभ कार्य: विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन या कोई भी नया व्यवसाय शुरू करने के लिए पंचक को वर्जित माना गया है. 

क्या पंचक से डरना चाहिए?

बहुत से लोग पंचक के नाम से घबरा जाते हैं, लेकिन ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है.  ज्योतिष शास्त्र में पंचक का अर्थ केवल सावधानी बरतना है. यदि आप इन पांच दिनों में शांति बनाए रखें, बड़े निवेश से बचें और अपने दैनिक कार्य सामान्य रूप से करते रहें, तो इसका कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता. यह समय आत्म-चिंतन और ईश्वर की आराधना के लिए अनुकूल होता है. 

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