नासिक और त्रयंबकेश्वर के सिंहस्थ महाकुंभ मेले का पहला शाही स्नान शनिवार को सुबह करीब चार बजे शुरू हो गया. शाही स्नान के शुभ मुहूर्त का शुभारंभ होते ही संतों ने गोदावरी में पवित्र डुबकी लगाई.लेकिन परी अखाड़ा की महिला साधुओं ने शाही स्नान का बहिष्कार कर दिया क्योंकि उनके लिए स्नान के अलग से इंतजाम नहीं थे.
सबसे पहले शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कुशावर्त कुंड में किया. श्रावण पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त पर वैष्णव संन्यासियों के तीन अखाड़ों के संतों ने नासिक के गोदावरी स्थित रामकुंड में शाही स्नान किया.
किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए किए हैं. रक्षाबंधन का पर्व होने के चलते में काफी इजाफा हुआ है. शाही स्नान में 70 लाख से एक करोड़ तक श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है.