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Hanuman Jayanti 2022: तीन दशकों से जल रही अखंड ज्योति, हो रहा पाठ! बेहद खास है 500 साल पुराना हनुमान मंदिर

Hanuman Jayanti 2022: लगभग 500 वर्ष पुराने मध्य प्रदेश के प्राचीन खड़ी बावड़ी हनुमान मंदिर में वीर हनुमान एक चमत्कारी मूर्ति के रूप में विराजमान है. 31 वर्षों से मंदिर में अखंड ज्योत जल रही है और अखंड पारायण का पाठ हो रहा है. यहां विराजमान हनुमान की मूर्ति को भक्त चमत्कारी मानते हैं.

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मध्य प्रदेश के इस मंदिर में पिछले 31 सालों से जल रही अखंड ज्योति मध्य प्रदेश के इस मंदिर में पिछले 31 सालों से जल रही अखंड ज्योति
स्टोरी हाइलाइट्स
  • देशभर में हनुमान जयंती की धूम
  •  मध्य प्रदेश के खड़ी बावड़ी हनुमान मंदिर में भी चल रहीं तैयारियां
  • कई मायनों में खास है ये प्राचीन मंदिर

Hanuman Jayanti 2022: हनुमान जयंती चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाया जाता है. इस बार हनुमान जयंती 16 अप्रैल को मनाया जा रहा है. देश भर के हनुमान मंदिरों में इस दिन श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जाती है. मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नगर में भी एक मंदिर ऐसा है जहां हनुमान जयंती के दिन भारी संख्या में श्रद्धालु जमा होते हैं. ये मंदिर है- खड़ी बावड़ी हनुमान मंदिर. हनुमान जयंती के दिन इस मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है.

ये मंदिर हनुमान का अति प्राचीन मंदिर है. मंदिर के इतिहास की बात की जाए तो जब खिलचीपुर राजा उग्रसेन ने 1544 में नगर बसाया था तब आसपास चारों तरफ खेड़ापति हनुमान मंदिर की स्थापना की थी. तभी से यह प्राचीन हनुमान मंदिर है.

लगभग 500 वर्ष पुराने इस प्राचीन मंदिर में वीर हनुमान एक चमत्कारी मूर्ति के रूप में विराजमान है. 31 वर्षों से मंदिर में अखंड ज्योत जल रही है और अखंड पारायण का पाठ हो रहा है. यहां विराजमान हनुमान की मूर्ति को भक्त चमत्कारी मानते हैं. कई श्रृद्धालु के जीवन के बड़े-बड़े संकट उन्होने खुद दूर होते देखे हैं. इस मूर्ति की आभा इतनी निराली है कि इसके दर्शन मात्र से ही मन को एक अनुपम शांति की अनुभूति होती है.

प्राचीन समय में यह मूर्ति केवल एक चबूतरे और छोटी सी छतरी पर विराजमान थी. श्रृद्धालुओं के अथक प्रयास से एक विशाल मंदिर का निर्माण करवाया जा चुका है. हनुमान मंदिर के पास ही एक विशाल शिव मंदिर का निर्माण करवाकर मंदिर परिसर को और अधिक दर्शनीय बना दिया है. श्रृद्धालुओं का कहना है कि जीवन की हर समस्या का समाधान संकट मोचन भगवान करते हैं.

31 वर्षों से चल रही है मंदिर में अखंड पारायण, मंदिर में जल रही है अखंड ज्योत 

नगर के प्राचीन खड़ी बावड़ी मंदिर में सन 1991 से लोगों के सहयोग से अखंड ज्योत अखंड रामायण चल रही है. लगातार रामायण होने से यह स्थान चमत्कारी स्थल के रूप में विख्यात हो रहा है. अखंड रामायण का पाठ अपनी ओर से कराने के लिए नगर और आसपास के कोने-कोने से भक्तजन आते रहते हैं.

मंदिर के बारे में पंडित प्रकाश बैरागी, राम पांडे भंवरलाल मालाकार, प्रवीण वर्मा, गिरिराज लाजवाले ने बताया कि यह मंदिर हजारों भक्तजनों की आस्था का केन्द्र है. मंदिर में सच्चे दिल से मांगी गई मुराद पूरी होती है. मंदिर सिद्ध हनुमान जैसी प्रतिमा के रूप में विराजमान है. इनके दर्शन मात्र से ही सारे कष्टों और पापों का नाश होता है.

नगर में उमड़ेगी श्रृद्धालुओं की भीड़, वीर हनुमान मंदिर पर लगेगा छप्पन भोग

हनुमान जयंती पर नगर के प्रमुख मंदिरों में से खड़ी बावड़ी वाले वीर हनुमान मंदिर पर कल छप्पन भोग लगेगा. हनुमान जयंती पर धूम रहेगी. खड़ी बावड़ी वाले वीर हनुमान समिति ने हनुमान जयंती को पराक्रम और शक्ति दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है.

कथावाचक रामपाण्डे पारायण बताते हैं, '1991 से मंदिर में अखंड पारायण जारी है. हनुमान जी के साथ यहां शंकर जी का भी मंदिर है. पूरे साल यहां अनुष्ठान मृत्युंजय जाप होते रहते हैं. विभिन्न प्रकार के रोग निवारण के लिए हनुमान जी के पाठ सुंदरकांड, रामायण जी, रामचरितमानस लगातार होता रहता है. श्रद्धालु हजारों की संख्या में यहां पर आते हैं. उनकी सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

वो कहते हैं कि जिस व्यक्ति की जो कामना होती है हनुमान जी उस भक्त की कामना पूरी करते हैं. खिलचीपुर को जब बसाया गया था तभी ये मंदिर भी बना था. नगर को विभिन्न प्रकार के क्लेश, कष्टों से बचाने के लिए राजा उग्रसेन ने वीर हनुमान जी की स्थापना की थी.

पंडित चंद्रपकाश परमार्थी  पंडित कहते हैं, 'यहां के राजा ने नगर बसाया था. उस समय चार खेड़ा पतियों की स्थापना की थी. उनमें से एक यहां वीर हनुमान मंदिर है. सन 1544 के आसपास नगर की सुरक्षा हेतु चार खेड़ा पति की स्थापना की थी. 31 वर्षों से यहां अखंड पारायण पाठ चल रहा है. तीन अखंड ज्योत जल रही है. हनुमान जी की आभा बड़ी निराली है. दर्शन करने मात्र से ही सभी मनोकामना पूर्ण होती है.'

वो आगे बताते हैं, 'मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालु यहां भंडारा करते हैं. मध्य प्रदेश, राजस्थान.. दूर से श्रद्धालु आते हैं. हनुमान जी की कृपा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होती है. यहां पर सभी त्योहारों को मनाया जाता है. धूमधाम से यहां रामायण में सभी नगर से जन सहयोग करते हैं.' 

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