हनुमान जयंती एक हिंदू धार्मिक त्योहार है जो भगवान हनुमान के जन्म दिवस पर मनाई जाती है. यह पूरे भारत के साथ ही नेपाल में भी बेहद पूजनीय हैं. यह त्योहार भारत के विभिन्न हिस्सों में तिथि के अनुसार मनाया जाता है (Hanuman Jayanti).
भारत के अधिकांश राज्यों में यह त्योहार आमतौर पर चैत्र पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, वहीं कर्नाटक में हनुमान जन्मोत्सव मार्गशीर्ष महीने के दौरान शुक्ल पक्ष त्रयोदशी को मनाया जाता है.
भगवान हनुमान को बुराई के खिलाफ जीत हासिल करने और सुरक्षा प्रदान करने की क्षमता वाले देवता के रूप में पूजा जाता है. इस शुभ दिन पर श्रद्धालु भगवान हनुमान से सुरक्षा और आशीर्वाद मांगते हैं (Worship on Hanuman Jayanti).
हनुमान जी का जन्म अंजनेरी पर्वत पर हुआ था. उनकी माता अंजना एक अप्सरा थीं जो एक श्राप के कारण पृथ्वी पर पैदा हुई थीं. पुत्र को जन्म देने पर उन्हें इस श्राप से मुक्ति मिली. वाल्मीकि रामायण में कहा गया है कि उनके पिता केसरी बृहस्पति के पुत्र थे. वे सुमेरु नामक स्थान के राजा थे. अंजना ने संतान प्राप्ति के लिए रुद्र से 12 वर्षों तक गहन प्रार्थना की. उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर रुद्र ने उन्हें हनुमान के रूप में पुत्र प्रदान किया (Birth of God Hanuman). एक अन्य व्याख्या में हनुमान स्वयं रुद्र के अवतार या प्रतिबिंब हैं. हनुमान को अक्सर देवता वायु यानी पवन देवता का पुत्र कहा जाता है. सनातन धर्म के अनुसार सूर्य देव को हनुमान जी का गुरु माना जाता है.
हनुमान जयंती के मौके पर हैदराबाद शहर में ज़बरदस्त भक्ति का माहौल देखने को मिला. हज़ारों भक्तों ने 'वीर हनुमान विजय यात्रा' में हिस्सा लिया. पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए. शांतिपूर्ण माहौल में उत्सव मनाने के लिए करीब 3,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, साथ ही ड्रोन और CCTV कैमरों से भी निगरानी रखी गई.
आज देशभर में धूमधाम से हनुमान जयंती का पर्व मनाया जा रहा है. क्या आप जानते हैं कि टीम इंडिया के कई धुरंधर क्रिकेटर भी बजरंगबली के बड़े भक्त हैं. इनके तन-मन पर बजरंगबली की भक्ति की छाप साफ दिखाई देती है.
हनुमान जयंती के दिन बहुत सारे भक्त हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं. हनुमान चालीसा लिखने की प्रेरणा तुलसीदास को मुगल सम्राट अकबर की कैद में मिली थी. तुलसीदास ने पूरे 40 दिन अकबर के कारागार में रहकर हनुमान चालीसा लिखी थी.
दिल्ली में हनुमान जयंती की शोभा यात्रा के दौरान तुगलकाबाद और जहांगीरपुरी में तनाव देखने को मिला. तुगलकाबाद में मस्जिद के पास शोभा यात्रा के दौरान हंगामे की सूचना पर पुलिस ने तुरंत पहुंचकर स्थिति संभाल ली. वहीं जहांगीरपुरी में बिना अनुमति जुलूस निकालने की कोशिश कर रहे लोगों को पुलिस ने हटाया और कुछ को हिरासत में लिया.
अप्रैल 2026 में कई महत्वपूर्ण त्योहार, बैंक छुट्टियां और जागरूकता दिवस शामिल हैं. ये महीना छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए खास माना जाता है. सभी जरूरी तिथियों की जानकारी यहां एक साथ आसानी से देखी जा सकती है.
भगवान हनुमान को कलयुग का सबसे जागृत और शक्तिशाली देवता माना जाता है. हनुमान जी को बजरंगबली, पवनपुत्र, अंजनीसुत और रामभक्त जैसे कई नामों से जाना जाता है, लेकिन ‘हनुमान’ नाम कैसे पड़ा, इसकी कथा बेहद रोचक है.
Hanuman Jayanti 2026: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत और रामायण दोनों में हनुमान जी की वीरता और भक्ति का वर्णन मिलता है. महाभारत में हनुमान जी अर्जुन के रथ पर ध्वज के रूप में विराजमान थे और भीम से उनकी मुलाकात की कथा भी प्रसिद्ध है.
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जी को शक्ति, साहस, भक्ति और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक माना जाता है. वे अपने भक्तों के सभी संकट दूर करने वाले “संकटमोचन” के रूप में पूजे जाते हैं. इस दिन उनकी पूजा-अर्चना करने से भय, नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलने की मान्यता है.
शास्त्रों में हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी कहा गया है, यानी उन्होंने कभी विवाह नहीं किया था, लेकिन तेलंगाना के खम्मम जिले के एलंदु गांव में श्री सुवर्चला सहिता हनुमान मंदिर स्थित है, जहां हनुमान जी के साथ सुवर्चला देवी की भी पूजा की जाती है. जानें इसके पीछे की कथा...
हनुमान जयंती पर भगवान को भोग लगाने के लिए घर पर ही शुद्ध और रसीली मीठी बूंदी तैयार कर सकते हैं, वो भी बिना किसी आर्टिफिशियल कलर और तामझाम के, मिक्सी की मदद से बेसन का घोल बनाकर आप मिनटों में मोती जैसी गोल बूंदी बना सकते हैं, यह बाजार से कहीं अधिक हेल्दी और टेस्टी है.
Hanuman Jayanti 2026: हम अक्सर यही सुनते आए हैं कि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी थे और उन्होंने कभी विवाह नहीं किया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा मंदिर भी है, जहां उनकी पूजा उनकी पत्नी सुवर्चला के साथ की जाती है. इस अनोखी मान्यता से जुड़ा यह मंदिर अपने आप में बेहद खास है और भक्तों के बीच खास आस्था का केंद्र बना हुआ है
Hanuman Jayanti 2026: हर कोई हनुमान जी की शक्ति की बात करता है, लेकिन उनकी सिद्धियों में छिपी सीख को कम लोग समझते हैं. बजरंगबली की 8 सिद्धियां हमें सिखाती हैं कि सही सोच, संयम और विश्वास से जीवन में क्या कुछ हासिल किया जा सकता है.
लोक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान चालीसा लिखने की प्रेरणा तुलसीदास को मुगल सम्राट अकबर की कैद में मिली थी. अकबर की कैद से बाहर आने का तुलसीदास के पास कोई रास्ता नहीं बचा था. तब उनमें ये विश्वास पैदा हुआ कि एकमात्र संकटमोचन हनुमान ही उन्हें इस मुसीबत से बचा सकते हैं. तब तुलसीदास ने हनुमान चालीसा लिखने का संकल्प लिया.
आज हनुमान जयंती है. इस दिन भक्त पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान जी की पूजा करते हैें. कई लोग श्री हनुमान बाहुक का पाठ भी करते हैं, जिसे तुलसीदास ने रचा था. मान्यता है कि इसके पाठ से शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर होते हैं.
Hanuman jayanti 2026: भगवान हनुमान को कलयुग का सबसे जागृत देवता माना जाता है. मान्यता है कि वे अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करते हैं. इस दिन उनकी पूजा करने से डर, रोग और परेशानियां दूर होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है.
आज हनुमान जयंती है. मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस दिन पूरी श्रद्धा-आस्था के साथ संकटमोचन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करता है, उसके सारे दुख-संकट दूर हो जाते हैं. इस दिन हनुमान जी की आरती और उनके मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए.
Hanuman Jayanti 2026: रामायण के सुंदरकांड में वर्णित हनुमान जी की लंका यात्रा एक प्रेरणादायक कथा मानी जाती है. इस दौरान हुई कई घटनाएं उनके आत्मविश्वास, समझदारी और प्रभु के प्रति गहरे विश्वास को दर्शाती हैं. इन लीलाओं में छुपे संदेश आज भी लोगों को मुश्किल समय में सही रास्ता चुनने और आगे बढ़ने की सीख देते हैं.
आज (2अप्रैल) को हनुमान जन्मोत्सव का पर्व मनाया जा रहा है. मान्यता है कि भगवान हनुमान का जन्म चैत्र पूर्णिमा के दिन हुआ था. उन्हें भगवान शिव का रुद्रावतार माना जाता है और वे भगवान श्रीराम के परम भक्त थे. आजतक के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि बजरंगबली के पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है? साथ ही उन्होनें 12 राशियों के दैनिक राशिफल पर चर्चा की.
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती के दिन दान धर्म का कार्य करना भी बहुत ही शुभ माना जाता है. इसी कारण इस दिन राशिनुसार दान करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं. तो आइए जानते हैं कि किस राशि के लिए क्या दान शुभ माना गया है और कैसे मिलेगा हनुमान जी का आशीर्वाद.
Hanuman Jayanti 2026: आज मनाई जाने वाली हनुमान जयंती इस बार खास खगोलीय संयोग लेकर आ रही है. मंगल ग्रह के राशि परिवर्तन का असर कई लोगों के जीवन में नए अवसर और बदलाव ला सकता है. कुछ राशियों के लिए यह समय करियर, धन और रिश्तों के लिहाज से सकारात्मक संकेत दे रहा है.
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली की आरती करना सिर्फ एक परंपरा नहीं होता है, बल्कि आस्था से जुड़ा एक खास उपाय भी होता है. इसे करने से घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है.