Shadashtak Yog 2026: शनि और चंद्रमा की युति या उनके द्वारा बनने वाले अशुभ योगों को ज्योतिष शास्त्र में बहुत अशुभ माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, आज (27 मई) की रात को चंद्रमा कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में गोचर कर जाएंगे. चंद्रमा की इस नई स्थिति के चलते आकाशमंडल में शनि और चंद्रमा के बीच बेहद कष्टकारी 'षडाष्टक योग' का निर्माण होने जा रहा है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब दो ग्रह एक-दूसरे से छठे (6th) और आठवें (8th) भाव में स्थित होते हैं, तो षडाष्टक योग बनता है. इस गोचर के दौरान शनि ग्रह की स्थिति चंद्रमा से छठे भाव में होगी, जबकि चंद्रमा खुद शनि से अष्टम भाव में विराजमान रहेंगे. कर्मफल दाता शनि और मन के कारक चंद्रमा का यह अशुभ संबंध कुछ विशेष राशियों के जीवन में मानसिक अशांति, धन हानि और वाद-विवाद की बड़ी चुनौतियां लेकर आ सकता है.
1. मेष राशि (Aries)
मेष राशि के जातकों के लिए यह योग मानसिक और आर्थिक मोर्चे पर तनाव बढ़ा सकता है. कार्यस्थल पर आपके काम में अचानक रुकावटें आ सकती हैं. सहकर्मियों या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वैचारिक मतभेद होने से आपकी इमेज पर असर पड़ सकता है. इस समय पैसों के मामले में कोई बड़ा जोखिम न लें. किसी को उधार देने से बचें, अन्यथा पैसा फंस सकता है.
2. मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि वालों के लिए यह अशुभ योग सेहत और संचित धन के मामले में भारी पड़ सकता है. चंद्रमा के पीड़ित होने से मन में तनाव रहेगा. अचानक कोई बड़ा अनचाहा खर्च सामने आ सकता है, जिससे आपका बजट पूरी तरह बिगड़ जाएगा. गाड़ी चलाते समय बेहद सतर्क रहें. अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें, क्योंकि आपकी एक गलत बात परिवार में बड़ा विवाद खड़ी कर सकती है.
3. कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि के जातकों को इस अवधि में करियर और पारिवारिक जीवन में फूंक-फूंक कर कदम रखना होगा. बिजनेस पार्टनरशिप में दरार आ सकती है. कोई बनी-बनाई डील हाथ से निकल सकती है. जीवनसाथी के साथ गलतफहमियों के कारण घर का माहौल अशांत हो सकता है. साझेदारी के कामों में पारदर्शिता रखें और किसी भी नए निवेश के फैसले को कुछ दिनों के लिए टाल दें.
4. वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि के लोगों के लिए शनि-चंद्र का यह संयोग सेहत और मानसिक शांति को प्रभावित करेगा. इस गोचर के दौरान आपको अपनी मेहनत का पूरा परिणाम नहीं मिलेगा, जिससे निराशा बढ़ेगी. माता या घर के किसी बुजुर्ग के स्वास्थ्य को लेकर भागदौड़ करनी पड़ सकती है, जिसमें काफी धन व्यय होगा. ऑफिस की राजनीति से खुद को दूर रखें और अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ बिल्कुल न करें.
अशुभ प्रभाव से बचने के तुरंत करें ये उपाय
शिवलिंग पर जलाभिषेक: चूंकि चंद्रमा मन के कारक हैं और शिव जी के मस्तक पर विराजमान हैं, इसलिए संकट के समय 'ऊं नमः शिवाय' का जाप करते हुए शिवलिंग पर काला तिल मिलाकर जल अर्पित करें.
हनुमान चालीसा का पाठ: मानसिक तनाव और शनि के विपरीत प्रभाव को कम करने के लिए हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ सबसे अचूक उपाय है.
शनि मंत्र का जाप: शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शनि देव के मंत्र ऊं शं शनैश्चराय नमः का जाप करें.