Quotes of the day by Sant Tukaram: शब्द ही हमारे रत्न हैं, शब्द ही हमारे हथियार हैं. यह शब्द ही हैं जो हमें लोगों से जोड़ते हैं और शब्द ही हमें खुदा तक ले जाते हैं. इसलिए इनका इस्तेमाल सोच-समझकर करें. - संत तुकाराम
महान संत तुकाराम महाराज की ये पंक्तियां आज के दौर में भी उतनी ही सच हैं, जितनी सदियों पहले थीं. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस का स्ट्रेस और सोशल मीडिया के इस जमाने में हम अक्सर बिना सोचे-समझे कुछ भी बोल देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी जुबान से निकला एक-एक शब्द आपकी किस्मत तय करता है?
आइए जानते हैं कि संत तुकाराम ने शब्दों को हमारा सबसे बड़ा धन और हथियार क्यों बताया था:
1. शब्द ही आपका असली धन हैं
सोना-चांदी या बैंक बैलेंस तो आता-जाता रहता है, लेकिन आपकी बोली ही समाज में आपकी असली पहचान बनाती है. संत तुकाराम कहते हैं कि मीठे शब्द उन रत्नों की तरह हैं, जो बिना एक पैसा खर्च किए आपको सबका चहेता बना देते हैं. आपकी अच्छी भाषा बिगड़े हुए काम भी बना देती है, जबकि कड़वी बोली बसी-बसाई गृहस्थी और अच्छे-खासे करियर को बर्बाद कर सकती है.
2. शब्द ही सबसे बड़ा हथियार हैं
तलवार का घाव तो समय के साथ भर जाता है, लेकिन जुबान से दिया गया घाव जिंदगीभर नहीं भरता. हमारे शब्द किसी को डिप्रेशन से बाहर निकाल सकते हैं और किसी हंसते-खेलते इंसान को मानसिक तनाव के दलदल में धकेल सकते हैं. इसलिए अपने शब्दों का इस्तेमाल किसी को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों का हौसला बढ़ाने के लिए एक टूल की तरह करें.
3. ईश्वर तक पहुंचने का रास्ता
संत तुकाराम के अनुसार, जब आपके शब्दों में पवित्रता और प्रार्थना होती है, तो यही शब्द आपको खुदा (ईश्वर) से जोड़ देते हैं. जब आप अपनी जुबान से किसी का दिल नहीं दुखाते और सबकी भलाई की बात करते हैं, तो आपकी किस्मत के बंद ताले अपने आप खुलने लगते हैं.