जुलाई के मध्य में ग्रहों का एक बड़ा ही दुर्लभ संयोग बन रहा है. ज्योतिष गणना के अनुसार सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि सभी प्रमुख ग्रह राहु और केतु के मध्य आ गए हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो ये सभी ग्रह राहु-केतु के बीच आकर फंस गए हैं. लेकिन बहुत जल्द राहु-केतु का यह मायाजाल टूटने वाला है. 19 जुलाई को जैसे ही चंद्रमा कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. राहु-केतु के मध्य प्रभाव से बाहर आ जाएगा. चूंकि इन सभी ग्रहों का हमारी जीवन पर काफी असर रहता है. इसलिए 18 जुलाई तक इनके राहु-केतु के बीच फंसे रहने के कारण कुछ राशियों को नुकसान हो सकता है.
कैसे राहु-केतु के जाल में फंस गए ग्रह?
राहु-केतु हमेशा एक दूसरे के सामने 180 डिग्री कोण पर स्थित होते हैं. इस समय राहु कुंभ राशि और केतु सिंह राशि में बैठा हुआ है. ज्योतिष में 12 राशियों का एक पूर्ण चक्र होता है. यदि चक्र के आधे हिस्से में कहीं भी सारे ग्रह एकसाथ जमा हो जाएं तो वो राहु-केतु के बीच फंस जाते हैं. जैसे- कुंभ से लेकर सिंह राशि तक आधा चक्र बन रहा है. और इसके बीच ही सारे ग्रह बैठे हुए हैं. सूर्य मिथुन, चंद्रमा कर्क, मंगल वृषभ, बुध मिथुन, गुरु कर्क, शुक्र सिंह और शनि मीन में बैठे हुए हैं. अब 19 जुलाई को जैसे ही चंद्रमा कन्या राशि में प्रवेश करेगा, राहु-केतु का मायाजाल टूट जाएगा.
सिंह राशि
सिंह राशि में केतु बैठा है, इसलिए इस राशि के जातकों पर केतु का सीधा प्रबाव होगा. शुक्र भी सिंह राशि में स्थित है. ऐसे में आपकी आर्थिक स्थित गड़बड़ हो सकती है. आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और रिश्तों पर असर पड़ सकता है. दांपत्य जीवन या प्रेम संबंधों में गलतफहमी की संभावना बनेगी.
कुंभ राशि
राहु कुंभ राशि में बैठा हुआ है, इसलिए इसका सीधा प्रभाव इस राशि के जातकों पर होगा. आपके करियर और कार्यक्षेत्र में भ्रम या अचानक बदलाव की संभावना बनेगी. सहकर्मियों के साथ मतभेद और गलत निर्णय लेने का जोखिम बढ़ सकता है. आप ठगी का शिकार भी हो सकते हैं.
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों भी 19 जुलाई तक सावधान रहना होगा. सूर्य और गुरु दोनों कर्क राशि में हैं. गुरु अस्त हैं. अस्त गुरु का शुभ प्रभाव कमजोर पड़ गया है. ऐसे में पारिवारिक जिम्मेदारियां, मानसिक दबाव और भावनात्मक फैसलों में सावधानी की जरूरत.
मिथुन राशि
इस संयोग का मिथुन राशि के जातकों पर भी बड़ा असर पड़ेगा. आपको वाणी, संचार और बुद्धि के मामले में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. निर्यण लेने में कठिनाई होगी. करीबी रिश्तों और कार्यक्षेत्र में गलतफहमी की आशंका भी रहेगी.