scorecardresearch
 

सकट योग भंग होते ही बनता है मुकुट योग! जानें कैसे दिलाता है सत्ता-सम्मान

जब सकट योग भंग होता है तो कुछ विशेष परिस्थितियों में मुकुट योग बनता है. गुरु और चंद्रमा के द्विद्वादश और षडाष्टक संबंध से बनने वाले सकट योग में यदि चंद्रमा पर मंगल की सप्तम दृष्टि और केंद्र में बैठा शनि चंद्रमा को दृष्ट करे तो मुकुट योग का निर्माण होता है.

Advertisement
X
कुछ विशेष परिस्थितियों में मुकुट योग व्यक्ति को नेतृत्व क्षमता, सामाजिक सम्मान और उच्च पद की प्राप्ति से जोड़कर देखा जाता है. (Photo: ITG)
कुछ विशेष परिस्थितियों में मुकुट योग व्यक्ति को नेतृत्व क्षमता, सामाजिक सम्मान और उच्च पद की प्राप्ति से जोड़कर देखा जाता है. (Photo: ITG)

सकट योग जब भंग होता है तो कुछ विशेष परिस्थितियों में मुकुट योग बनता है. यानी मुकुट योग बनने के लिए कुंडली में पहले सकट योग का होना भी आवश्यक है. इसके अलावा भी कुछ विशेष परिस्थितियों में मुकुट योग व्यक्ति को नेतृत्व क्षमता, सामाजिक सम्मान और उच्च पद प्राप्ति की संभावनाओं से जोड़कर देखा जाता है. मुकुट योग का नाम ही इसके महत्व को दर्शाता है. मुकुट यानी सिर का ताज जो सम्मान, अधिकार और नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है. जब किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति ऐसी बनती है कि उसे समाज में विशेष पहचान, प्रभाव और निर्णय लेने की क्षमता प्राप्त हो, तब उसे मुकुट योग का प्रभाव माना जाता है.

कुंडली में कैसे बनता है मुकुट योग
1. जब सकट योग भंग होता है तो कुछ विशेष परिस्थितियों में मुकुट योग बनता है. गुरु और चंद्रमा के द्विद्वादश और षडाष्टक संबंध से बनने वाले सकट योग में यदि चंद्रमा पर मंगल की सप्तम दृष्टि और केंद्र में बैठा शनि चंद्रमा को दृष्ट करे तो मुकुट योग का निर्माण होता है.

2. मुकुट योग का निर्माण तब माना जाता है, जब लग्न, दशम भाव, नवम भाव और इनके स्वामी ग्रह मजबूत स्थिति में हों और शुभ ग्रहों का प्रभाव प्राप्त कर रहे हों. यदि सूर्य, गुरु और चंद्रमा जैसे शुभ और प्रभावशाली ग्रह केंद्र या त्रिकोण भावों में बलवान अवस्था में स्थित हों तो यह योग और अधिक प्रभावी माना जाता है. हालांकि किसी भी योग की तरह मुकुट योग का आकलन भी संपूर्ण जन्म कुंडली के अध्ययन के बाद ही किया जाता है.

Advertisement

कैसे व्यक्ति को खास बनाता है मुकुट योग?
नेतृत्व और प्रबंधन की उत्कृष्ट क्षमता.
समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा.
प्रशासनिक, राजनीतिक या सार्वजनिक क्षेत्रों में सफलता.
आत्मविश्वास और प्रभावशाली व्यक्तित्व.
महत्वपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता.
लोगों का विश्वास और सहयोग प्राप्त करने की योग्यता.
ऐसे लोग अक्सर अपने कार्यक्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाते हैं और अपने विचारों से दूसरों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं.

क्या हमेशा मिलता है शुभ फल?
विशेषज्ञ बताते हैं कि किसी भी योग का फल ग्रहों की शक्ति, दशा-अंतर्दशा, गोचर और अन्य योगों के प्रभाव पर निर्भर करता है. यदि मुकुट योग बनाने वाले ग्रह पाप प्रभाव से ग्रस्त हों या कमजोर स्थिति में हों तो इसके परिणाम अपेक्षा से कम मिल सकते हैं. इसलिए केवल योग की उपस्थिति को सफलता की गारंटी नहीं माना जाता है.

आधुनिक संदर्भ में महत्व
मुकुट योग को केवल राजसत्ता या राजनीतिक सफलता तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए. इसे कॉर्पोरेट नेतृत्व, शिक्षा, प्रशासन, व्यवसाय, सामाजिक सेवा और रचनात्मक क्षेत्रों में उच्च उपलब्धियों के संकेत के रूप में भी देखा जाता है. आधुनिक जीवन में यह योग व्यक्ति की नेतृत्व क्षमता और प्रभावशाली व्यक्तित्व का प्रतीक माना जाता है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement