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Ketu Gochar 2026: 30 मई को मघा नक्षत्र में केतु का गोचर, 3 राशियों की बढ़ेंगी मुश्किलें!

Ketu Gochar 2026: 30 मई को केतु का मघा नक्षत्र में बड़ा गोचर होने जा रहा है. 2 अगस्त तक रहने वाले इस बदलाव से नौकरी, बिजनेस और पैसों के मामले में भारी उतार-चढ़ाव आ सकते हैं. जानें कन्या, मिथुन और मीन समेत किन 3 राशियों को इस दौरान बेहद सतर्क रहने की जरूरत है.

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ज्योतिष में केतु को एक छाया ग्रह माना गया है.
ज्योतिष में केतु को एक छाया ग्रह माना गया है.

Ketu Nakshatra Parivartan 2026: ज्योतिष शास्त्र में अचानक बदलाव लाने वाले ग्रह माने जाने वाले केतु जल्द ही अपनी चाल बदलने जा रहे हैं. 30 मई को केतु ग्रह मघा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जहां वे 2 अगस्त तक बने रहेंगे. केतु के इस नक्षत्र परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 3 खास राशियों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है. इन जातकों को नौकरी, बिजनेस और पैसों के मामले में बेहद सावधान रहने की जरूरत है. 

कैसा रहता है केतु का स्वभाव?
ज्योतिष में केतु को एक छाया ग्रह माना गया है, जो इंसान की सोच और जीवन में अचानक उतार-चढ़ाव लेकर आता है. केतु का गोचर कई बार रिश्तों और कामकाज में अस्थिरता पैदा करता है. हालांकि, यह समय मुश्किलों के साथ-साथ जीवन के कई बड़े सबक भी देकर जाता है. 

कन्या राशि

मघा नक्षत्र में केतु का गोचर कन्या राशि के जातकों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है. इस दौरान आपको कार्यक्षेत्र में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. मानसिक तनाव और ओवरथिंकिंग (ज्यादा सोचना) की समस्या बढ़ सकती है. पैसों से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में न लें, किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा करने से बचें. 

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को 30 मई के बाद बातचीत करते समय अपने शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करना होगा, अन्यथा विवाद की स्थिति बन सकती है. नौकरीपेशा और व्यापारियों को मेहनत का फल मिलने में थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है. इस दौरान आपके खर्चों में बढ़ोतरी होगी. 2 अगस्त तक कोई भी फैसला हड़बड़ी में न लें. 

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मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए भी केतु का यह गोचर तनावपूर्ण हो सकता है.  मन में अनजानी चिंताओं और उलझनों के कारण काम में मन नहीं लगेगा. किसी करीबी व्यक्ति के साथ बहस होने की आशंका है, जिससे आपका मूड खराब हो सकता है. इस समय कोई भी निर्णय बेहद शांत दिमाग से लें. 

संकट से बचने के आसान उपाय
केतु के इस नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए जातकों को धैर्य से काम लेना चाहिए, तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए. इस दौरान भगवान शिव और गणेश जी की नियमित पूजा-अर्चना करें.  इससे मन शांत रहेगा . 

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