ज्वॉइंट फैमिली को भारत की संस्कृति और एकता की नींव कहा जा सकता है. वर्तमान में भारतीय समाज जिन सामाजिक समस्याओं से गुजर रहा है, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि ज्वॉइंट फैमिली के कई फायदे भी होते हैं. ज्वॉइंट फैमिली हर सदस्य के लिए वो ढाल थी जो ग्रह नक्षत्रों के विपरीत प्रभाव से न सिर्फ बचाव करती थी, बल्कि उस विपरीत समय को नदी की धारा की तरह बहाकर ले जाने में भी सहयोगी थी.
ज्योतिषीय दृष्टि से लाभकारी ज्वॉइंट फैमिली
एक संयुक्त परिवार में कम से कम 8-10 सदस्य तो होते थे. अपनी-अपनी कुंडली के अनुसार सभी की लग्न, राशि, कारक और अकारक दशाएं, गोचर का सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव रहता था. किसी एक व्यक्ति की साढ़ेसाती चल रही हो, लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों का समय अच्छा है तो प्रतिकूल समय वाले व्यक्ति को परिवार के उन सदस्यों की ग्रह दशा का लाभ मिल जाता था. मानसिक, आर्थिक और सामाजिक हर तरह से. परिवार में किसी एक सदस्य का समय भी अच्छा है तो वह सभी के लिए सहयोगी हो जाता है. उतार-चढ़ाव हर व्यक्ति के जीवन में आता है. ऐसे समय में अपनेपन और मदद के लिए बहुत कम लोग पास होते हैं.
रिश्तों से ग्रहों का कनेक्शन
परिवार का हर रिश्ता किसी न किसी ग्रह से संबंध रखता है. जैसे सूर्य पिता का स्वरूप हैं. चंद्रमा माता का, मंगल छोटे भाई का, शनि घर में काम करने वाले नौकर-चाकर और बड़े भाई, शुक्र पत्नी, बृहस्पति घर के बड़े-बुजुर्ग और आपके गुरु, बुध घर की बहन-बेटियों का स्वरूप हैं. यदि किसी की कुंडली में कोई ग्रह पीड़ित या कमजोर है, तब भी यह लाभकारी हो सकता है. इससे न सिर्फ ग्रहों की सकारात्मकता बढ़ती है, बल्कि व्यक्ति के कष्ट भी कटते हैं. नवग्रहों की शांति का उपाय आपके ही घर में मौजूद है. परिवार के सदस्यों की सेवा और अच्छा व्यवहार आपकी ग्रह दशा भी सुधार सकता है. परिवार के सदस्यों के बीच रहकर आप अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के साथ जीवन को भी खुशहाल बना सकते हैं.
कैसे बिगड़ते हैं रिश्ते?
सूर्य- पिता का अपमान या उनकी जिम्मेदारी से भागने से.
चंद्रमा- मां के साथ गलत व्यवहार करने से.
मंगल- छोटे भाई के साथ छल कपट करने से.
गुरु- घर के बुजुर्गों की अनदेखी और गुरु का अपमान करने से.
शुक्र- पत्नी या किसी महिला का अपमान करने से.
बुध- घर की बहन बेटियों को सहयोग न करने से.
शनि- बड़े भाई व घर में काम करने वाले नौकर चाकर के साथ धोखा व अपमान करने से.
राहु- सफाई कर्मियों के साथ अभद्रता करने से.