हनुमान जयंती का त्योहार आने वाला है. इस साल हनुमान जयंती 2 अप्रैल को मनाई जाएगी. इस दिन हनुमान जी के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ इकट्ठा हो सकती है. श्रद्धालु विधिपूर्वक हनुमान जी को भोग-प्रसाद अर्पित करने पहुंचेंगे. जो लोग घर पर ही पूजा-अर्चना करने के बारे में सोच रहे हैं, उन्हें बजरंगबली के प्रसाद के बारे में जरूर पता होना चाहिए. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और प्रसिद्ध कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान जी को अर्पित किए जाने वाले भोग के बारे में बताया है.
1. रोट या चूरमा
हनुमान जी को रोट या चूरमे का भोग सबसे ज्यादा प्रिय है. रोट या चूरमा गेंहूं की रोटी, गुड़, घी और सूखे मेवों से तैयार किया जाता है. राजस्थान और हरियाणा में रहने वाले ज्यादातर भक्त इसी भोग से हनुमान जी को प्रसन्न करते हैं. सालासर बालाजी से लेकर मेहंदीपुर बालाजी तक कई बड़े मंदिरों में बाबा को इसी प्रसाद का भोग लगाने की परंपरा है.
2. गुड़ चना
हनुमान जी को गुड़ और चने का प्रसाद भी अत्यंत प्रिय है. धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि हनुमान जी को गुड़-चने के प्रसाद का भोग लगाने से कुंडली में ग्रहों के दोष को समाप्त किया जा सकता है.
3. बूंदी के लड्डू
हनुमान जी को बूंदी का प्रसाद या बूंदी के लड्डू भी बहुत प्रिय हैं. हनुमान जयंती पर न सिर्फ इसका भोग हनुमान जी को अर्पित किया जाता है, बल्कि प्रसाद के तौर पर लोगों में बांटा भी जाता है. जो भी भक्त हनुमान को बूंदी या बूंदी के लड्डू का प्रसाद चढ़ाते हैं, उनकी मनोकामना जरूर पूरी होती है.
4. केसर भात
अंजनि पुत्र को केसर भात का भोग भी लगाया जाता है. कहते हैं कि चावल में शक्कर और केसर मिलाकर उसका भोग बजरंगबली को अर्पित करने से संतान की कुंडली में मंगल दोष शांत होता है.
5. जलेबी या इमरती
हनुमान जी को जलेबी या इमरती का भोग भी लगाया जाता है. दिल्ली-एनसीआर से लेकर मध्य प्रदेश और हरियाणा में कई मंदिरों में लोग हनुमान जी को जलेबी या इमरती का भोग अर्पित करते हैं.
6. पान का बीड़ा
महावीर बजरंगबली को पान का बीड़ा भी अत्यंत प्रिय है. लेकिन ध्यान रहे कि हनुमान जी को हमेशा मीठे पान का बीड़ा ही अर्पित किया जाता है. इसमें तम्बाकू या अन्य किसी नशीले पदार्थ का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता है.