Eid Ul Fitr 2026: सऊदी अरब में आज शव्वाल के चांद का दीदार नहीं हुआ. इसलिए वहां कल यानी 19 मार्च को ईद नहीं मनाई जाएगी. सऊदी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रमजान का आखिरी दिन घोषित किया है और शुक्रवार, 20 मार्च को ईद-उल-फितर मनाने की घोषणा की है. इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और बहरीन ने भी 20 मार्च को ही ईद मनाने का ऐलान किया है. पूरी दुनिया में इस्लाम धर्म के लोग इस त्योहार को धूमधाम से मनाते हैं. ये त्योहार रमजान का पवित्र महीना खत्म होने के बाद इस्लामी कैलेंडर के 10वें महीने 'शव्वाल' की पहली तारीख को आता है.
ईद-उल-फितर की तारीख इस्लामी कैलेंडर के नए महीने शव्वाल के चांद पर निर्भर करती है. भौगोलिक विषमता के कारण अलग-अलग देशों में चांद दिखने का समय अलग होता है. सऊदी अरब या यूएई जैसे खाड़ी देशों में भारत से एक दिन पहले चांद दिखाई दे जाता है. यही कारण है कि भारत में सऊदी अरब के एक दिन बाद ईद मनाई जाती है.
भारत में कब मनाई जाएगी ईद?
चूंकि सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में यह ऐलान हो गया है कि वहां 20 मार्च को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा. इसलिए भारत में एक दिन बाद यानी शुक्रवार, 21 मार्च को ईद का त्योहार सेलिब्रेट किया जाएगा. इस दिन लोग मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ेंगे. एक दूसरे को ईद की शुभकमाएं देंगे. घर में खीर, सेवईं जैसे मीठे पकवान बनाए जाएंगे और दोस्तों-रिश्तेदारों के साथ मिल बांटकर खाए जाएंगे.
क्यों मनाई जाती है ईद?
इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, पैगंबर हजरत मुहम्मद ने इसी दिन बद्र की लड़ाई में विजयी परचम लहराया था. इस जीत के बाद उसने सबका मुंह मीठा करवाया. कहते हैं कि तभी से ईद-उल-फितर यानी मीठी ईद मनाने की परंपरा चली आ रही है. ईद के इस पाक मौके पर मुसलमान नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे से गले लगाकर ईद की मुबारकबाद देते हैं. इसके बाद सदका-ए-फितर भी किया जाता है. यानी मुसलमान सामर्थ्य के अनुसार, गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करते हैं. ताकि वो भी खुशी-खुशी इस त्योहार को मना सकें.