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Roti Rule: इन 5 मौकों पर गलती से भी न बनाएं घर में रोटी, घेर लेगी गरीबी!

Roti Rule:हिंदू धर्म में रसोई और अन्न का विशेष महत्व है. शास्त्रों के अनुसार, नागपंचमी, शरद पूर्णिमा, दीपावली सहित 5 विशेष मौकों पर घर में ताजी रोटी बनाना वर्जित माना गया है. जानें इन दिनों रोटी क्यों नहीं बनानी चाहिए और इससे जुड़ी खास परंपराएं.

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रोटी बनाने के नियम (Photo- Getty Image)
रोटी बनाने के नियम (Photo- Getty Image)

Roti Rule: हिंदू धर्म में रसोई को बहुत पवित्र जगह माना जाता है, क्योंकि यहीं अन्नपूर्णा माता का वास होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों के हिसाब से कुछ खास दिनों में ताजी रोटी बनाना मना है? अगर इन दिनों रोटी बनाई जाए, तो घर में दरिद्रता आती है, अन्नपूर्णा माता नाराज हो जाती हैं और घर की बरकत रुक जाती है. आइए, जानते हैं वो 5 मौके कौन से हैं जब रोटी नहीं बनानी चाहिए. 

नागपंचमी
इस दिन किचन में चूल्हे पर तवा भूलकर भी न रखें. माना जाता है कि तवा नाग देवता का प्रतीक है. तवे पर रोटी बनाने से नाग देवता नाराज हो सकते हैं . इससे परिवार पर मुसीबत आ सकती है.इस दिन कड़ाही या पतीले में खाना बनाएं.

शरद पूर्णिमा
यह रात धन की देवी लक्ष्मी जी के आने की रात है. इस दिन रोटी नहीं, बल्कि चावल की खीर बनानी चाहिए. खीर को रात भर चांद की रोशनी में रखना बहुत शुभ माना जाता है, इससे घर में सुख-समृद्धि आती है.
 

शीतला अष्टमी
इस दिन माता शीतला को ठंडा खाना (बासी भोजन) भोग लगाया जाता है. इसलिए, इस दिन घर में ताजा खाना या रोटी नहीं बनती. सब लोग एक दिन पहले का बना ठंडा खाना ही खाते हैं. शीतला अष्टमी के एक दिन पहले ही रोटी बना कर रख लें. 

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दीपावली
दीपावली के दिन रोटी बनाना बहुत अशुभ माना जाता है. लक्ष्मी जी का स्वागत करने के लिए इस दिन खास पकवान जैसे हलवा, खीर, पूरी और मिठाइयां बनाई जाती हैं. साधारण रोटी बनाने से लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं. 
 

घर में मृत्यु होने पर (सूतक)
अगर घर में किसी की मौत हो जाए, तो जब तक तेरहवीं न हो जाए, घर में रोटी नहीं बनती.  यह शोक का समय होता है. इस दौरान बाहर से आया खाना या जो पहले से बना हो, वही खाया जाता है.इस समय रसोइ बंद रखें. 

रसोई से जुड़ी 3 खास बातें और जान लें:
गाय की पहली रोटी
रोज सुबह की पहली रोटी गाय को खिलाने से घर में सुख-शांति रहती है और सभी वास्तु दोष दूर होते हैं.  इससे पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.

थाली में तीन रोटियां
थाली में कभी भी एक साथ तीन रोटियां परोसना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे मृतक के भोज से जोड़ा जाता है. ऐसा करने से परिवार में कलह-क्लेश बढ़ता है और सदस्यों के बीच तनाव पैदा होता है.

रोटियां गिनना
किचन में रोटियां कभी भी गिनकर नहीं बनानी चाहिए, क्योंकि इससे घर में अन्न की कमी और बरकत रुक जाती है. माता अन्नपूर्णा की कृपा पाने के लिए हमेशा जरूरत के हिसाब से बिना गिने भोजन तैयार करना चाहिए.

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