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Bada Mangal 2026: सातवां बड़ा मंगल आज, नोट करें हनुमान जी की पूजा का शुभ मुहूर्त

Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल का दिन हनुमान भक्तों के लिए बहुत ही खास माना जाता है. कई लोग शनि की साढ़ेसाती या शनि ढैय्या के प्रभाव को कम करने के लिए बड़ा मंगल का व्रत रखते हैं. माना जाता है कि हनुमान जी शनि के प्रभाव को संतुलित करने में सहायता करते हैं.

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बड़ा मंगल 2026 (Photo: ITG)
बड़ा मंगल 2026 (Photo: ITG)

Bada Mangal 2026: सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व माना गया है. इस महीने पड़ने वाले सभी मंगलवार को 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' कहा जाता है. आज यानी 16 जून 2026 को ज्येष्ठ महीने का सातवां बड़ा मंगल है. हनुमान भक्तों के लिए यह दिन बेहद पावन है. मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन बजरंगबली की भक्ति करने से जीवन के सभी दुख, दर्द और संकट दूर हो जाते हैं.

उत्तर भारत, विशेषकर लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में बड़े मंगल के दिन जगह-जगह भव्य भंडारे, छबील (प्याऊ) और सुंदरकांड के पाठ का आयोजन किया जाता है. आइए जानते हैं सातवें बड़े मंगल का शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि. 

सातवें बड़े मंगल का शुभ मुहूर्त

ज्येष्ठ मास के इस विशेष मंगलवार पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं. ज्योतिष गणना के अनुसार, कल पूजा के लिए ये समय सबसे उत्तम रहेंगे.

अमृत काल (सुबह का शुभ समय): सुबह 05:45 बजे से 07:25 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त (दोपहर की पूजा): दोपहर 11:50 बजे से 12:45 बजे तक

संध्या आरती का समय: शाम 06:30 बजे से 07:45 बजे तक

बड़ा मंगल का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही भगवान राम की मुलाकात अपने सबसे बड़े भक्त हनुमान जी से हुई थी. एक अन्य मान्यता यह भी है कि इसी महीने के मंगलवार को भीम का घमंड तोड़ने के लिए हनुमान जी ने एक वृद्ध वानर का रूप धारण किया था, इसलिए इसे 'बुढ़वा मंगल' भी कहा जाता है. इस दिन व्रत रखने और हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करने से कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होता है और 'मंगल दोष' से मुक्ति मिलती है.

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कैसे करें पूजा?

स्नान और संकल्प 
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-स्वच्छ कपड़े (संभव हो तो लाल या पीले रंग के) पहनें.

हनुमान जी की स्थापना 
घर के मंदिर में या हनुमान मंदिर जाकर बजरंगबली की मूर्ति के सामने घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं.

सिंदूर अर्पण
हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है. इस दिन उन्हें विशेष रूप से नारंगी सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें.

पाठ और मंत्र 
आसन पर बैठकर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें.

बजरंगबली को लगाएं इन चीजों का भोग

बूंदी के लड्डू या कसार: हनुमान जी को बूंदी बेहद प्रिय है.
तुलसी दल: बजरंगबली के भोग में तुलसी का पत्ता जरूर शामिल करें, इसके बिना उनका भोग अधूरा माना जाता है.
बनारसी पान: पूजा के बाद हनुमान जी को मीठा पान (गुलकंद वाला) अर्पित करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं.

इस दिन क्या करें और क्या न करें?

क्या करें: भूखे और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं. राहगीरों के लिए ठंडे पानी या शरबत की व्यवस्था करें.

क्या न करें: बड़े मंगल के दिन घर में तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन या मांस-मदिरा) का प्रयोग बिल्कुल न करें. किसी से विवाद या अपशब्द बोलने से बचें.

आरती: पूजा के अंत में कपूर जलाकर हनुमान जी की आरती करें और अपनी मनोकामना कहें.

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