scorecardresearch
 

मिलावट पर बड़ा प्रहार: उदयपुर में 18 हजार लीटर घी जब्त, 42 हजार किलो डेयरी उत्पाद जांच के दायरे में

उदयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर छापेमारी की. अम्बेरी स्थित एक डेयरी से 18 हजार लीटर संदिग्ध घी जब्त किया गया, जबकि सवीना कृषि उपज मंडी में 42 हजार किलो से अधिक डेयरी उत्पाद जांच के दायरे में पाए गए. प्रतिबंधित घोषित घी का स्टॉक भी जब्त किया गया. नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं.

Advertisement
X
घी माफियाओं पर शिकंजा.(Photo: AI-generated)
घी माफियाओं पर शिकंजा.(Photo: AI-generated)

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेशभर में मिलावट के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है. इसी क्रम में खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के आधार पर खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय की केंद्रीय प्रवर्तन टीम ने शनिवार को उदयपुर जिले में दो स्थानों पर संयुक्त निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई की. कार्रवाई के दौरान मिलावट के संदेह में 18 हजार लीटर घी जब्त किया गया.

खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के नेतृत्व में केंद्रीय और जिला टीम ने संयुक्त रूप से श्री माधुर डेयरी फार्म एंड फूड प्रोडक्ट्स, अम्बेरी, उदयपुर का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान विभिन्न ब्रांडों के घी का निर्माण और भंडारण किया जाना पाया गया.

यह भी पढ़ें: राजस्थान: सोशल मीडिया पर छाया उदयपुर का दूल्हा, लग्जरी कार छोड़ JCB से लाया दुल्हन, वीडियो

जांच में 'उदयपुर फ्रेश देसी घी', 'उदयपुर फ्रेश काउ घी', 'माध्या देसी घी' तथा 'जयन्त काउ घी' सहित कई ब्रांडों का घी बड़ी मात्रा में मौजूद मिला. टैंकों और विभिन्न कंटेनरों में भी तैयार घी का भंडारण पाया गया. कई टिन ऐसे मिले जिन पर लेबल और आवश्यक विवरण अंकित नहीं थे, जो खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं माना गया.

Advertisement

घी में रंग मिलाने की आशंका, नमूने जांच के लिए भेजे

कार्रवाई के दौरान परिसर से फूड कलर (रंग) की बोतलें भी बरामद की गईं. प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि घी में पीला रंग मिलाकर उसे गाय के घी के रूप में विपणन करने का प्रयास किया जा रहा था. इस संबंध में विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण के लिए नमूने लिए गए हैं.

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घी निर्माण के लिए विभिन्न स्रोतों से मक्खन खरीदा जा रहा था. इनमें प्रमुख रूप से अरिहंत मिल्क प्रोडक्ट्स, इंदौर और चन्द्र कमल ब्रांड, देवास (मध्य प्रदेश) से प्राप्त मक्खन शामिल था, जिसे गर्म कर घी तैयार किया जा रहा था.

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत घी के चार विधिक नमूने संग्रहित कर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं. जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगभग 18 हजार लीटर तैयार घी को मौके पर ही जब्त कर उसके विक्रय और वितरण पर रोक लगा दी गई है.

कृषि उपज मंडी स्थित प्रतिष्ठान पर भी कार्रवाई

अभियान के तहत केंद्रीय टीम ने मैसर्स महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी, डी-1, कृषि उपज मंडी, सवीना, उदयपुर का भी निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान विभिन्न ब्रांडों के घी और दुग्ध उत्पादों का बड़ा स्टॉक पाया गया.

Advertisement

उपलब्ध स्टॉक में महावीर काऊ घी, महावीर देसी घी, महालक्ष्मी घी, मिल्क फूड घी, सोनाई घी, काला काऊ घी, पंचगव्य घी, अमूल तथा नोवा घी सहित विभिन्न दुग्ध उत्पाद शामिल पाए गए. प्रारंभिक सत्यापन में विभिन्न ब्रांडों के घी, मक्खन और अन्य दुग्ध उत्पादों का 42 हजार किलोग्राम से अधिक स्टॉक पाया गया, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है.

निरीक्षण के दौरान महावीर ब्रांड घी (बैच संख्या-1) का स्टॉक भी मिला. उल्लेखनीय है कि इस बैच के घी को पूर्व में खाद्य सुरक्षा आयुक्त, राजस्थान द्वारा असुरक्षित (Unsafe Food) घोषित करते हुए उसके विक्रय, वितरण और भंडारण पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है.

प्रतिबंधित घी जब्त, वैधानिक कार्रवाई शुरू

प्रतिबंधित और असुरक्षित घोषित घी का स्टॉक पाए जाने पर केंद्रीय टीम ने उसे तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया और उसके विक्रय एवं वितरण पर रोक लगा दी. संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि संग्रहित नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होने और जांच पूरी होने के बाद यदि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठानों, संचालकों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

Advertisement

इस कार्रवाई में संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा, केंद्रीय टीम के खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद शर्मा, अमित शर्मा, लोकेश शर्मा और देवेन्द्र सिंह राणावत के साथ उदयपुर जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक गुप्ता और नरेन्द्र सिंह भी शामिल रहे.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement