जोधपुर में गैस सिलेंडर त्रासदी में झुलसे दूल्हे सुरेंद्र सिंह और उसके एक साथी जालम सिंह को 38 दिन बाद अस्पताल से शनिवार को छुट्टी दे दी गई. महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर राजश्री बेहरा ने बताया कि सिलेंडर ब्लास्ट में जख्मी 3 लोग ही अस्पताल में भर्ती है, जिनका इलाज चल रहा है. भूंगरा गांव में शादी समारोह में सिलेंडर ब्लास्ट होने से अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है.
बता दें, इस दर्दनाक हादसे में सुरेंद्र के माता-पिता की भी मौत हुई. उनके परिवार में अब बड़ा भाई सांग सिंह और उसकी भाभी पूनम कंवर ही बचे हैं. 8 दिसंबर 2022 को सुरेंद्र की बारात खोखसर निकलने वाली थी. घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे. चारों तरफ खुशियों का माहौल था. तभी अचानक घर में रखे सिलेंडर एक के बाद एक फटे और बड़ा हादसा हो गया.
बीजेपी के जिला महामंत्री जसवंत सिंह इंदा ने बताया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने तक सुरेंद्र सिंह को इस बारे में नहीं बताया गया था कि उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो चुकी है. दूल्हे सुरेंद्र सिंह के माता-पिता बहन और भतीजों की भी मौत चुकी है. गैस सिलेंडर ब्लास्ट में 55 लोग झुलसे थे. इसमें 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 29 महिलाएं शामिल थी.
इस दुखद हादसे के बाद पूर्व सिएम वसुंधरा राजे ने भूंगरा गांव को गोद लिया था. पीएम मोदी ने भी पीड़ित के घर पत्र भेजकर इस हादसे पर गहरा दुख जताया था. वहीं प्रधानमंत्री सहायता कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गई थी.