देश के सबसे महत्वपूर्ण हाई-स्पीड कॉरिडोर में शामिल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है. राजस्थान के अलवर और दौसा क्षेत्र में पहली बार एक्सप्रेसवे पर पुलिस चौकियां शुरू कर दी गई हैं. इसके साथ ही अब एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे पुलिस की मौजूदगी रहेगी और जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सहायता मिल सकेगी.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं. ऐसे में सड़क हादसों, झगड़ों और अन्य आपात स्थितियों में पुलिस की त्वरित उपलब्धता लंबे समय से एक बड़ी जरूरत मानी जा रही थी.
यह भी पढ़ें: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा... ईको और ट्रेलर की भीषण टक्कर में 4 की मौत, 5 घायल
अब अलवर के पिनान रेस्ट एरिया और दौसा जिले के धनावड़ रेस्ट एरिया में पुलिस चौकियों का संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है.
रोजाना गुजरते हैं 55 से 60 हजार वाहन
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर प्रतिदिन करीब 55 से 60 हजार वाहन आवाजाही करते हैं. तेज रफ्तार के कारण यहां समय-समय पर सड़क हादसे भी सामने आते रहते हैं.
अब तक किसी दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस को घटनास्थल तक पहुंचने में समय लग जाता था. कई मामलों में घायल लोगों को समय पर सहायता नहीं मिल पाती थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती थी.
नई पुलिस चौकियों के शुरू होने के बाद हादसों की स्थिति में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच सकेगी और राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किया जा सकेगा.
24 घंटे तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी
अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि पिनान रेस्ट एरिया में पुलिस चौकी पूरी तरह शुरू हो चुकी है. यहां चौबीसों घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे.
उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिफ्ट में चार पुलिसकर्मी ड्यूटी पर रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके. इसी तरह दौसा जिले के धनावड़ रेस्ट एरिया में भी पुलिस चौकी का संचालन शुरू हो गया है.
दौसा पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने कहा कि पुलिस चौकी शुरू होने से आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. एक्सप्रेसवे पर होने वाली दुर्घटनाओं और अन्य घटनाओं पर अब पहले से अधिक तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सकेगी.
रेस्ट एरिया में होने वाले विवादों पर भी लगेगी रोक
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के रेस्ट एरिया में समय-समय पर यात्रियों और अन्य लोगों के बीच विवाद की घटनाएं भी सामने आती रही हैं.
अब पुलिस चौकियां शुरू होने के बाद ऐसे मामलों में भी पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर सकेंगे. इससे कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी.
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
जल्द शुरू होगा ट्रॉमा सेंटर
पुलिस चौकियों के बाद अब एक्सप्रेसवे पर ट्रॉमा सेंटर शुरू करने की तैयारी भी तेजी से चल रही है. अधिकारियों के अनुसार पिनान क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है.
ट्रॉमा सेंटर शुरू होने के बाद सड़क हादसों में घायल लोगों को मौके के नजदीक ही तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी. इससे गंभीर घायलों की जान बचाने में मदद मिलेगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे जैसे हाई-स्पीड मार्गों पर पुलिस चौकी और ट्रॉमा सेंटर की उपलब्धता सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी.
राजस्थान बना पहला राज्य
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरता है. इन सभी राज्यों में पहली बार राजस्थान के अलवर और दौसा जिलों में एक्सप्रेसवे पर पुलिस चौकियां शुरू की गई हैं.
इस पहल को एक्सप्रेसवे सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी इसी तरह की सुविधाएं विकसित किए जाने की संभावना जताई जा रही है.