अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित स्कीम नंबर-10 के पेंशन भवन में बुधवार को उस समय हंगामा हो गया जब देह व्यापार चलने की सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए. कार्यकर्ताओं ने वहां मौजूद गतिविधियों पर कड़ी आपत्ति जताई और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया. पुलिस ने मौके से एक महिला और एक पुरुष को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. इस घटना के बाद कुछ समय के लिए वहां भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया.
जानकारी के अनुसार बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि पेंशन भवन में लंबे समय से अवैध गतिविधियां चल रही हैं. इसी सूचना के आधार पर वे मौके पर पहुंचे. वहां एक महिला और पुरुष मौजूद थे. बताया जा रहा है कि पुरुष पेंशनर भवन में चौकीदार के रूप में तैनात है और वह लंबे समय से वहां कथित रूप से ऐसी गतिविधियों में शामिल था. पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. फिलहाल पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि मौके पर वास्तव में अवैध गतिविधि संचालित हो रही थी या नहीं. मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है.
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर किया विरोध प्रदर्शन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. वहीं इस दौरान मौके पर मौजूद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
वीडियो में कथित रूप से व्यक्ति देह व्यापार से जुड़ी बातों को स्वीकार करता दिखाई दे रहा है. हालांकि पुलिस इस वीडियो की भी जांच कर रही है और इसकी सत्यता की पुष्टि की जा रही है. पेंशनर समाज के अध्यक्ष दीनबंधु शर्मा ने बताया कि आरोपी व्यक्ति लंबे समय से परिवार के साथ पेंशनर भवन में चौकीदारी का काम कर रहा था. जैसे ही उन्हें घटना की सूचना मिली, वो मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
जानकारी के अनुसार यह भी सामने आया है कि वहां मौजूद चौकीदार ने महिला और कुछ अन्य पुरुषों को कैमरा उपलब्ध कराया था. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और गतिविधियों की भी जांच कर रही है. फिलहाल पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वास्तव में वहां कोई अवैध गतिविधि संचालित हो रही थी या यह केवल आरोपों और संदेह का मामला है.