बात उस ऑपरेशन की, जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा है. अमेरिका ने ईरान में अपने पायलट को बचाने के लिए गजब की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है और पूरी दुनिया को ये संदेश दिया है कि अमेरिका अपनों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कितने का नुकसान हो रहा है. कितने एयरक्राफ्ट नष्ट हो रहे हैं. कितने सैनिकों को लगाना पड़ रहा है. उसके लिए अपने सैनिक की जान सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है. और अमेरिका ने 36 घंटे तक ईरान में फंसे रहे अपने पायलट को जिंदा बचाकर पूरी दुनिया को यही संदेश दिया है.