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वायरल टेस्ट: क्या हमदर्द में केवल मुसलमानों को मिलती है नौकरी?

वायरल टेस्ट: क्या हमदर्द में केवल मुसलमानों को मिलती है नौकरी?

वाट्सअप के माध्यम से यह बात बहुत तेजी से फैलाई जा रही है कि रुह आफ्ज़ा बनाने वाली कंपनी हमदर्द में केवल मुसलमानों को ही नौकरी मिलती है. मैसेज में दावा किया जा रहा है कि इस कंपनी में किसी को नौकरी पर रखने से पहले धर्म पूछा जाता है और अगर उम्मीदवार हिंदू है तो हमदर्द के दरवाजे उसके लिए बंद हो जाते हैं. आज तक की वायरल टेस्ट टीम ने इस मैसज की सच्चाई जाने की कोशिश की. हम इसके लिए हमदर्द के दिल्ली स्थित मुख्यालय गए. यहां जो लड़की हमसे सबसे पहले मिली वो इस कंपनी में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करती है. हमारे पूछने पर उसमे बताया कि वो हिंदू है. इसके बाद हम दफ्तर के दूसरे और तीसरे तल्ले पर भी गए. वहां हमारी मुलाकात कंपनी के सीनियर मेंबर्स से हुई और उन्होंने बताया कि ये बात पूरी तरह से गलत है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है. इस कंपनी में दोनों धर्मों को मानने वाले काम करते हैं.

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