सौ साल पुरानी सिलसिलेवार कत्ल की दास्तान आज भी एक पहेली बनी हुई है. कत्ल के पेचीदा से पेचीदा मामलों को सुलझा लेने वाली तमाम जांच एजेंसियां आज 3 पुश्तों बाद भी इस वारदात को सुलझा नहीं पाईं.