scorecardresearch
 
Advertisement

34 साल पुराने मुकदमे में उम्र ने कैसे दिलाई रिहाई? देखें वारदात

34 साल पुराने मुकदमे में उम्र ने कैसे दिलाई रिहाई? देखें वारदात

साढ़े पांच करोड़ पेंडिंग केस का बोझ या दबाव क्या होता है? इसकी जिंदा तस्वीर देश की एक अदालत से सामने आई है. 85 साल का एक बुजुर्ग जो अपने पैसे पर खुद से चलना तो छोड़िए कमर से ऊपर खुद को उठा भी नहीं पा रहा. उसे अदालत में पेश किया जाता है. 34 साल पुराने एक मुकदमें के सिलसिले में सचमुच कानून के हाथ बहुत लंबे हैं. आदमी मर जाता है पर केस नहीं मरता.

Advertisement
Advertisement