अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिन से जारी जंग के बाद आखिरकार 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बन गई. सीजफायर से पहले ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिला तो वो उसकी पूरी सभ्यता खत्म कर देंगे. अमेरिकी लड़ाकू विमान और मिसाइलें स्टैंडबाय पर थीं. पूरी दुनिया सांस रोके 'महाविनाश' का इंतजार कर रही थी. भारतीय समय सुबह 4:30 बजे, यानी डेडलाइन से 1 घंटा पहले बड़ी कूटनीतिक हलचल शुरू हुई. उस वक्त अमेरिका में रात के 7 बजे थे और डोनाल्ड ट्रंप की डेडलाइन में सिर्फ 60 मिनट बचे थे. खाड़ी देशों में तैनात अमेरिकी मिसाइलें 'लॉन्च मोड' पर थीं. भारतीय समय सुबह पौने 5 बजे से लेकर सवा 5 बजे के बीच पाकिस्तान के आर्मी चीफ और पीएम शहबाज शरीफ ने ट्रंप को फोन कर युद्ध टालने और ईरान का 'प्रस्ताव' सुनने की आखिरी अपील की. सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर यानी डेडलाइन खत्म होने से ठीक 10 मिनट पहले ट्रंप ने दुनिया को चौंका दिया. उन्होंने पोस्ट किया कि पाकिस्तान के अनुरोध पर और ईरान के 10-सूत्रीय एजेंडे के आधार पर वो दो हफ्ते के लिए हमले रोक रहे हैं.