अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा था कि शनिवार तक अच्छी खबर मिलेगी. यानी ईरान से कोई समझौता हो सकता है. लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता तो क्या वो बातचीत भी नहीं हुई जिसकी उम्मीद थी. वार्ता का फेल होना नए खतरे की घंटी है. और इस बीच राष्ट्रपति पुतिन की भी इसमें एंट्री हो गई है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने सेंट पीटर्सबर्ग पहुंच गए हैं. इससे पहले वो दो बार पाकिस्तान गए और बीच में ओमान का दौरा भी किया. इस दौरान अराघची ने अमेरिका को एक ऑफर दिया. उन्होंने कहा, ईरान होर्मुज खोलने को तैयार है, लेकिन परमाणु मुद्दे पर बातचीत को टाल दिया जाए. यही वो मुद्दा है जिस पर अमेरिका और ईरान के बीच सबसे ज्यादा टकराव है. अराघची शनिवार को पाकिस्तान में इंतजार करते रहे लेकिन ट्रंप ने अपनी टीम नहीं भेजी. और इन सबके बीच पाकिस्तान ने दलाल देश की जो भूमिका निभाई वो उसमें भी नाकाम रहा. ईरान ने मध्यस्थ के रूप में उसकी मंशा पर भी सवाल खड़े किए हैं.