जिस वीडियो को लेकर महीनों से सियासी और धार्मिक घमासान मचा हुआ था, अब उसी वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट ने पंजाब की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है. श्री अकाल तख्त साहिब ने दो फॉरेंसिक लैब्स की रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि वायरल वीडियो के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई और ना ही AI से तैयार किया गया था. इसके बाद अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को न सिर्फ धार्मिक तौर पर दोषी ठहराया है, बल्कि उन्हें 'गुरुद्रोही' और 'खालसा पंथ विरोधी' भी करार दे दिया.