पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर अकाल तख्त साहिब ने बड़ा निर्णय लिया है. अमृतसर में अकाल तख्त के ऑफिस से जारी फैसले में उन्हें गुरु परंपरा और पंथ की मर्यादाओं के खिलाफ आचरण करने का दोषी ठहराया गया. यह निर्णय एक वायरल वीडियो की जांच और उससे जुड़ी रिपोर्टों पर विचार-विमर्श के बाद लिया गया. अकाल तख्त से जुड़े प्रमुख धार्मिक पदाधिकारियों ने इस मुद्दे पर बैठक कर चर्चा की और सामूहिक राय के आधार पर यह फैसला सुनाया. हालांकि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने इसे गलत ठहराया है. इस घटनाक्रम के बाद पंजाब की राजनीति और सिख समुदाय में नई बहस छिड़ गई है.