क्यों देश में मानसून आते ही, भयंकर मुसीबतों की दस्तक देता है. क्यों जिस बारिश का हम इंतज़ार करते हैं, क्यों वही बारिश, ज़िंदगी पर धावा बोलने लगती है? क्यों देश का सिस्टम मानसून वाली बरसात के आगे, ध्वस्त हो जाता है? भारत में मानसून हर साल औसतन 2,000 से 3,000 लोगों की जान लेता है और करोड़ों की संपत्ति बर्बाद करता है. बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने से देश त्राहि, त्राहि करने लगता है. देखें दस्तक.