उज्जैन की महाकाल कॉन्फ्रेंस में सरकारी पैसों के गबन और वाहन बिलों में भारी फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. इसमें ई-रिक्शा को इनोवा क्रिस्टा और मोपेड को ट्रैवलर दर्शाकर फर्जी बिल बनाए गए. मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा बिना गहन जांच के 57 लाख रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया गया. इस गड़बड़ी ने सरकारी कार्यप्रणाली पर सवाल उठा दिए हैं.