scorecardresearch
 

ट्विशा शर्मा का पति सरेंडर करने कोर्ट पहुंचा, 10 दिन से था फरार

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में पति समर्थ सिंह ने शुक्रवार को जिला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा है. इससे कुछ घंटे पहले ही उसने अपने वकील के माध्यम से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में तुरंत सरेंडर करने की बात कही थी. हाईकोर्ट ने समर्थ को ट्रायल कोर्ट या कटारा हिल्स थाने में सरेंडर करने की अनुमति दी थी.

Advertisement
X
ट्विशा शर्मा 12 मई को अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थी. (File Photo- ITG)
ट्विशा शर्मा 12 मई को अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थी. (File Photo- ITG)

एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है. शुक्रवार को ट्विशा के पति समर्थ सिंह सरेंडर करने के लिए जबलपुर जिला कोर्ट पहुंचे. इससे कुछ घंटे पहले ही उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान अपने वकील के माध्यम से तुंरत सरेंडर करने की बात कही थी. हाईकोर्ट ने समर्थ सिंह को ट्रायल कोर्ट या कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन के समक्ष सरेंडर करने की अनुमति दी थी. हालांकि ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा और सॉलिसिटर जनरल की ओर से इसका विरोध किया गया.

इसके साथ ही समर्थ ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका भी वापस ले ली. समर्थ के वकील ने हाईकोर्ट में दलील देते हुए कहा था, 'मैं तुरंत सरेंडर करूंगा. मुझे अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार की तैयारी करनी है.' समर्थ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह और सौरभ सुंदर ने कहा कि उनका मुवक्किल अब अग्रिम जमानत नहीं चाहता और वह निचली अदालत या पुलिस के सामने सरेंडर कर नियमित जमानत की प्रक्रिया अपनाएगा. 

राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने इस मांग का कड़ा विरोध किया. उन्होंने अदालत में कहा कि एक फरार आरोपी को लक्जरी नहीं दी जा सकती कि वह सीधे हाईकोर्ट से राहत लेकर जांच प्रक्रिया को प्रभावित करे. एसजी ने दलील दी कि पुलिस को आरोपी से पूछताछ करने और हिरासत में लेने का पूरा अधिकार है.

Advertisement

उन्होंने कोर्ट से कहा, 'एक भगोड़े आरोपी को हाई कोर्ट में आउट ऑफ टर्न सुनवाई की लग्जरी या विशेषाधिकार नहीं मिलना चाहिए. पुलिस को इस मामले में उसकी कस्टडी चाहिए.'

इस पर समर्थ सिंह के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को मीडिया ट्रायल का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने अदालत में कहा, 'हम कोई आतंकवादी या प्रभावशाली व्यक्ति नहीं हैं. मीडिया में मामला उछल गया है, इसलिए ऐसा कहा जा रहा है. देश में इतने दहेज के मामले होते हैं, तब ऐसी बातें नहीं कही जातीं.'

सरेंडर की मांग पर हाईकोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है और ऐसे कई मामलों में अदालत ने आरोपियों को सरेंडर करने की अनुमति दी है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई आरोपी चार्जशीट दाखिल होने से पहले रिमांड कोर्ट के सामने सरेंडर करता है, तो संबंधित अदालत जांच अधिकारी को नोटिस देने के लिए बाध्य होती है.

राज्य सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि पुलिस समर्थ सिंह की कस्टडी रिमांड मांगेगी ताकि उससे विस्तार से पूछताछ की जा सके. मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी.

दोबारा पोस्टमॉर्टम की भी मिली मंजूरी

इसी के साथ हाई कोर्ट ने ट्विशा के पिता की याचिका को स्वीकार करते हुए मृतका का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की इजाजत दे दी है. हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि दिल्ली AIIMS के डॉक्टरों की एक विशेष टीम को इसके लिए भोपाल एयरलिफ्ट किया जाए. इससे पहले भोपाल की एक निचली अदालत ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग को खारिज कर दिया था.

Advertisement

दरअसल, कोर्ट में दूसरे पोस्टमार्टम की मांग को लेकर तीखी बहस देखने को मिली. याचिकाकर्ता की तरफ से जहां दूसरे पोस्टमार्टम की जरूरत पर जोर दिया गया, तो वहीं दूसरी तरफ दूसरे पक्ष के वकील ने इसका कड़ा विरोध किया. 

ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह की तरफ से पेश हुए वकील ने दूसरे पोस्टमॉर्टम कराने की मांग का विरोध करते हुए दलील दी कि AIIMS के डॉक्टरों द्वारा पोस्टमॉर्टम पहले ही किया जा चुका है और इसलिए एक और जांच की क्या ज़रूरत है? उन्होंने कहा कि दोबारा पोस्टमार्टम की मांग करना चिकित्सा बिरादरी का अपमान है. यह मांग जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाने और डॉक्टरों की क्षमता पर अविश्वास जताने जैसा है. 

अंतिम संस्कार में किसी भी तरह की देरी का विरोध करते हुए गिरिबाला सिंह के वकील ने यह भी दलील दी कि शव को सड़ने के लिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए. वकील ने कहा, 'वह हमारे परिवार की बहू थी. उसका अंतिम संस्कार करना हमारा फर्ज है.'

वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पहले पोस्टमार्टम का बचाव करते किया. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर पीड़ित परिवार को लगता है कि किसी बात को नजरअंदाज किया गया है, तो दूसरी राय ली जा सकती है. उन्होंने कहा, 'डॉक्टरों की निष्पक्षता बेमिसाल है, लेकिन अगर पीड़ित परिवार को लगता है कि कुछ छूट गया है, तो दूसरी राय ली जा सकती है.'

Advertisement

12 मई को फंदे से लटकी मिली थी ट्विशा

उल्लेखनीय है कि 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थी. उनके परिवार ने पति समर्थ सिंह, सास जो कि पूर्व न्यायाधीश हैं, गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर समर्थ सिंह की तलाश शुरू कर दी है और उसकी गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement