मध्य प्रदेश का सतना जिला और नागौद राजघराने की ऐतिहासिक परसमनियां गढ़ी... जहां 11 जून की दोपहर को जो कुछ भी हुआ, उसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया. राजघराने की इस गढ़ी के भीतर करीब 8 साल से सुलग रही पारिवारिक कलह और व्यापारिक रंजिश ने ऐसा खूनी रूप अख्तियार किया कि लाठियां भी चलीं और बंदूकें भी गरजीं. घटना के 48 घंटे बाद दो ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जो गढ़ी के भीतर मचे तांडव की गवाही दे रहे हैं.
पहले वीडियो में पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे रूपेंद्र सिंह उर्फ 'बाबा राजा' को उनके ही ससुराल पक्ष के लोग लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटते दिख रहे हैं, जिसमें बाबा राजा के कपड़े फट चुके हैं और सिर से खून बह रहा है. इसी बीच गढ़ी के कमरों से दनादन गोलियां चलने की आवाजें और दीवारों पर धुआं उड़ता साफ देखा जा सकता है.
पुलिस और राजपरिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा की शादी साल 2000 में योगिता सिंह से हुई थी, जिससे उनका 25 साल का एक बेटा भी है. लेकिन पिछले कुछ सालों से बाबा राजा का झुकाव उमरी गांव की रहने वाली सुनीता सिंह परिहार की तरफ हो गया, जिसे योगिता की मां अपनी बेटी की सौत और 'रखी हुई' बता रही हैं.
रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंप के हिसाब-किताब का था विवाद
इस त्रिकोणीय विवाद के चलते बाबा राजा ने गढ़ी छोड़ दी थी और वह सुनीता के साथ सतना में रहने लगे थे. दोनों ने मिलकर पेट्रोल पंप और रेस्टोरेंट का बिजनेस शुरू किया, लेकिन पैसों के लेन-देन और पेट्रोल पंप के मालिकाना हक को लेकर योगिता और सुनीता के बीच लगातार तकरार होती रही.
जनवरी 2022 में जब बाबा राजा के पिता का निधन हुआ, तो विवाद और बढ़ा, जिसके बाद चाचा विधायक नागेंद्र सिंह ने योगिता और उनके बेटे को नागौद किले में शिफ्ट करा दिया था.
घटना के दिन क्या हुआ? दोनों पक्षों के दावे
घटना के दिन यानी 11 जून की दोपहर करीब 3:30 बजे, योगिता सिंह अपनी मां नरेंद्र कुमारी और भाई के साथ गढ़ी में अपना पुराना सामान लेने पहुंची थीं.
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि वहां पहले से मौजूद सुनीता सिंह परिहार ने उनके साथ गाली-गलौज की और जब विरोध हुआ, तो खुद को एक कमरे के अंदर बंद कर अपनी 22 बोर की लाइसेंसी बंदूक से खिड़की के रास्ते अंधाधुंध 9 राउंड फायर झोंक दिए. इनमें से एक गोली योगिता सिंह के पेट में जा लगी. देखें VIDEO:-
वहीं, दूसरे पक्ष का दावा है कि योगिता के परिजनों ने पहले बाबा राजा पर जानलेवा हमला किया था, जिसके बाद सुनीता ने आत्मरक्षार्थ गोलियां चलाईं. फिलहाल, पेट में गोली लगने से गंभीर घायल योगिता सिंह का रीवा के विंध्या सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में ऑपरेशन किया गया है, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए सतना पुलिस ने एक्शन लिया है. गोलियां चलाने वाली मुख्य आरोपी महिला सुनीता सिंह परिहार को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल 22 बोर की लाइसेंसी बंदूक, 8 जिंदा कारतूस और घटना स्थल से 4 खाली खोखे बरामद किए हैं.
शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी सुनीता को अदालत में पेश किया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उसे सीधे सेंट्रल जेल भेज दिया गया है.
वहीं, वारदात के बाद सुराग मिटाने के लिए खून से सने कपड़ों को वॉशिंग मशीन में धोने वाली आदित्य की पत्नी जैक्शन जॉर्ज को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है.
पुलिस अब गढ़ी और उसके पास स्थित पेट्रोल पंप पर हुई तोड़फोड़ के दोनों वीडियो के आधार पर मामले की गहनता से जांच कर रही है.
बंदूक जब्त, आरोपी महिला भेजी गई जेल
मामले में सतना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रेम लाल कुर्वे ने बताया, "परसमनिया गढ़ी में रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा की पत्नी योगिता सिंह एवं दूसरी पत्नी सुनीता सिंह के बीच वाद-विवाद हुआ था, जिसमें सुनीता सिंह द्वारा फायरआर्म्स का इस्तेमाल किया गया.
गोली योगिता सिंह के पेट में लगी है, जिन्हें गंभीर अवस्था में रीवा के विंध्या सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत अब स्थिर है.
पुलिस ने आरोपी सुनीता सिंह को गिरफ्तार कर उनके पास से 22 बोर की लाइसेंसी बंदूक, 8 जिंदा कारतूस और मौके से 4 खाली खोखे बरामद किए हैं. कोर्ट के आदेश पर आरोपी को सेंट्रल जेल भेज दिया गया है."
इसके साथ ही, वारदात के बाद सबूत मिटाने के लिए खून से सने कपड़ों को वॉशिंग मशीन में धोने वाली एक अन्य महिला जैक्शन जॉर्ज को भी पुलिस ने मामले में सह-आरोपी बनाया है. पुलिस वीडियो के आधार पर बाकी हमलावरों की भी शिनाख्त कर रही है.