scorecardresearch
 

बच्चों के पास न स्कूल की छत, न ब्लैकबोर्ड... फर्श पर लिखी वर्णमाला ही बनी एकमात्र सहारा, टीन शेड के नीचे पढ़ने को मजबूर 37 मासूम

MP News: नर्मदापुरम से आई यह तस्वीर मध्य प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़े करती है. जब स्कूल की छत छिन गई, तो एक शिक्षक के जुनून और बच्चों की पढ़ने की ललक ने फर्श को ही ब्लैकबोर्ड बना दिया.

Advertisement
X
स्कूल में जमीन पर लिखी वर्णमाला से सीख रहे ककहरा.(Photo:Screengrab)
स्कूल में जमीन पर लिखी वर्णमाला से सीख रहे ककहरा.(Photo:Screengrab)

MP News: नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा तहसील के बटकी गांव से सरकारी शिक्षा व्यवस्था की एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है. यहां बच्चों की पढ़ाई अब स्कूल के ब्लैकबोर्ड पर नहीं, बल्कि जमीन पर लिखी गिनती और वर्णमाला तक सिमटकर रह गई है.

दरअसल, गांव का प्राथमिक स्कूल भवन जर्जर होकर टूट चुका है और पिछले करीब दो साल से बच्चों के पास अपना स्कूल ही नहीं है. ऐसे में गांव के 37 मासूम बच्चों को पढ़ाई के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर इकलानी गांव के एक सार्वजनिक मंगल भवन में बैठना पड़ रहा है. 

हालात यह हैं कि वहां न तो कक्षा है, न बेंच-डेस्क और न ही पढ़ाई का कोई बुनियादी इंतजाम. ऊपर टीन शेड है और नीचे फर्श पर गिनती और हिंदी वर्णमाला लिखी हुई है और उसी जमीन पर बैठकर बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं.

हालांकि, सवाल अब भी वही है जब दो साल से स्कूल भवन नहीं बन पाया, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? और तब तक क्या बटकी के बच्चों को जमीन पर बैठकर ही पढ़ाई करनी पड़ेगी? देखें VIDEO:- 

Advertisement

वहीं, इस मामले में डीपीसी डॉ. राजेश जायसवाल का कहना है कि बटकी में स्कूल भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव पहले भेजा गया था और उसकी स्वीकृति भी मिल चुकी थी. लेकिन तकनीकी कारणों से राज्य शिक्षा केंद्र से स्वीकृत राशि प्राप्त नहीं हो पाई, जिसकी वजह से भवन निर्माण शुरू नहीं हो सका. 

उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा केंद्र और कलेक्टर की ओर से इस संबंध में पत्राचार किया गया है. राज्य शिक्षा केंद्र ने इसे वार्षिक कार्य योजना में शामिल करने के निर्देश दिए हैं, जिससे अगले वित्तीय वर्ष में इसकी स्वीकृति मिलने की संभावना है. साथ ही उन्होंने मौजूदा हालातों में बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था करने वाले शिक्षक की सराहना भी की.

---- समाप्त ----

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement